भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्यों नहीं हो पाई या किन लोगों की वजह से नहीं हो पाई, उसके चेहरे लीक हुई ऑडियो क्लिप से सामने आ गए हैं। इस क्लिप में अमेरिकी सांसद टेड क्रूज़ ने इसके लिए उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, पीटर नवारो और डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना की है।
सांसद टेड क्रूज (बाएं), मोदी-ट्रंप की पुरानी दोस्ती की यादगार फोटो
अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ के एक लीक हुए ऑडियो ने ट्रंप प्रशासन में गहरी दरार को उजागर कर दिया है। इस लगभग 10 मिनट के ऑडियो में क्रूज़ ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, व्हाइट हाउस सलाहकार पीटर नवारो और कभी-कभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भारत के साथ लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को रोकने का आरोप लगाया है। यह रिकॉर्डिंग 2025 की शुरुआत और मध्य की है, जिसे एक रिपब्लिकन सूत्र ने साझा किया और अब यह वायरल है।
ऑडियो में क्रूज़ ने ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने प्राइवेट डोनर्स से बातचीत में कहा कि अप्रैल 2025 में ट्रंप द्वारा लागू किए गए टैरिफ को "लिबरेशन डे" का नाम देकर प्रचारित किया गया, लेकिन यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकती है। क्रूज़ ने चेतावनी दी कि इससे रिटायरमेंट अकाउंट्स में 30% तक की गिरावट आ सकती है और किराने (Grocery) की कीमतें 10-20% बढ़ सकती हैं, जिससे 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन्स को "ब्लडबाथ" का सामना करना पड़ सकता है – हाउस और सीनेट दोनों खोने का खतरा है और ट्रंप के खिलाफ लगातार महाभियोग की कोशिशें जारी रह सकती हैं।
क्रूज़ ने एक लेट-नाइट कॉल का जिक्र किया जिसमें सीनेटर्स ने ट्रंप से टैरिफ पर पुनर्विचार करने की अपील की, लेकिन ट्रंप ने गुस्से में जवाब दिया, "फ**क यू, टेड" कहकर बात खत्म कर दी। क्रूज़ ने कहा कि उनकी टीम में कोई भी "लिबरेशन डे" शब्द इस्तेमाल करे तो उसे तुरंत निकाल दिया जाएगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर क्रूज़ ने खुलासा किया कि वे व्हाइट हाउस से इसकी प्रगति के लिए "लड़" रहे हैं, लेकिन जेडी वेंस, पीटर नवारो और "कभी-कभी" ट्रंप खुद इसे ब्लॉक कर रहे हैं। क्रूज़ ने वेंस को टकर कार्लसन का "प्रोटेजे" बताते हुए कहा, "टकर ने जेडी को बनाया है, जेडी और टकर एक ही हैं" – और दोनों को अलगाववादी (isolationist) तथा कुछ हद तक एंटी-सेमिटिक विचारधारा वाला करार दिया।
यह ऑडियो ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति में फूट को दर्शाता है, जहां क्रूज़ खुद को पारंपरिक फ्री-ट्रेड समर्थक के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि वेंस और नवारो अलगाववादी रुख अपनाए हुए हैं। डेवोस में ट्रंप ने पीएम मोदी को "फैंटास्टिक लीडर" कहा था और समझौते पर आशावादी दिखे थे, लेकिन अब यह सौदा टैरिफ विवाद के बीच अटका हुआ है।
व्हाइट हाउस या वेंस के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। यह घटना 2028 के संभावित राष्ट्रपति चुनाव में क्रूज़ और वेंस के बीच प्रतिस्पर्धा की ओर भी इशारा करती है। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रगति पर अब सवाल उठने लगे हैं।