ममदानी की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन एक उम्मीदवार ऐसा है जो अंतिम परिणाम को पलट सकता है– वह हैं रिपब्लिकन कर्टिस सलिवा। सफोक यूनिवर्सिटी पॉलिटिकल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डेविड पेलियोलॉगोस ने चेतावनी दी है, "न्यूयॉर्क सिटी में एक ऐसा व्यक्ति है जिसके वोटरों का परिणाम पर आउटसाइज्ड इम्पैक्ट हो सकता है। वह मेयर एरिक एडम्स, रिप्रेजेंटेटिव हकीम जेफ्रीज, सीनेटर चक शूमर या कोई न्यूयॉर्क बिलियनेयर नहीं हैं। वह हैं रिपब्लिकन कर्टिस सलिवा, जिनके वोटर क्यूमो को जीतने से रोक रहे हैं। और जब दूसरी पसंद पूछी गई, तो उनके वोटरों ने क्यूमो को ममदानी पर 36 फीसदी बनाम 2 फीसदी प्रेफर किया।' सलिवा के बाहर न निकलने से ममदानी को फायदा हो रहा है, लेकिन अगर वे ड्रॉप आउट करते हैं, तो क्यूमो को बूस्ट मिल सकता है।
क्यूमो जून में डेमोक्रेटिक प्राइमरी में ममदानी से हार चुके हैं, अब इंडिपेंडेंट के तौर पर मजबूत वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ममदानी को 'एंटी-बिजनेस' और 'एंटी-कॉर्पोरेट' बताते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के लेफ्ट विंग पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 'अगर यह सोशलिस्ट विंग जीत गया, तो डेमोक्रेटिक पार्टी मर जाएगी।' ट्रंप समर्थक बिलियनेयर्स जैसे बिल एकमैन ने क्यूमो के लिए भारी फंडिंग की है, जो ममदानी की कैंपेन को 'पीपल्स मूवमेंट' बताने का मौका दे रही है।