रूस से कच्चा तेल ख़रीद कर अरबों डॉलर का फ़ायदा रिलायंस कंपनी ने उठाया है लेकिन इसका दंड पूरा देश उठा रहा है। रूस से तेल ख़रीदने का फ़ैसला निश्चित ही भारत की संप्रभुता का मसला भी है लेकिन अमेरिका की ओर से लगाये गये 50 फ़ीसदी टैरिफ़ का दंड तो भारतीय अर्थव्यवस्था को भुगतना पड़ रहा है। क्या तेल से मुनाफ़ा कमाना कूटनीति के लिहाज़ से एक ग़लत फ़ैसला था? ऐसा लगता है कि पीएम मोदी अपने ‘प्रिय मित्र’ ट्रंप के इरादों को भाँपने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं।