जिसे प्रधानमंत्री ने कभी 'यूपीए की असफलताओं का स्मारक' बताया था, आज मोदी सरकार उसी मनरेगा का बजट और दायरा क्यों बढ़ा रही है? क्या सरकार के पास रोजगार गारंटी की कोई वैकल्पिक योजना नहीं है?
ट्रेंडिंग
ख़बर
अगली खबर लोड हो रही है...
जिसे प्रधानमंत्री ने कभी 'यूपीए की असफलताओं का स्मारक' बताया था, आज मोदी सरकार उसी मनरेगा का बजट और दायरा क्यों बढ़ा रही है? क्या सरकार के पास रोजगार गारंटी की कोई वैकल्पिक योजना नहीं है?