ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थता पर सवाल। क्या इससे मोदी सरकार को कूटनीतिक झटका लगेगा? देखिए आशुतोष की बात में भारत के लिए इसके मायने और असर क्या।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।

















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