वैश्विक कोरोना आपदा से सबसे अधिक प्रभावित ग़रीब और लाचार ही रहे हैं, लेकिन जब ऐसी लाचारी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के परिवार के साथ आ गई है।
सरकार के तमाम दावों के बीच हैरान कर देने वाली बात यह रही कि सरकार के इस पहल से ख़ुद पूर्व मुख्यमंत्री का परिवार ही अछूता रह गया। परिवार कोरोना से तो बचा रहा, लेकिन आर्थिक तनाव और तंगी ने उसे भुखमरी के कगार तक पहुँचा दिया।
ज़ाहिर है भोला पासवान शास्त्री की पुण्यतिथि और जयंती पर तो उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण होते रहे, लेकिन उनके परिवार को ग़रीबी से उबारने का कोई प्रयास किसी भी सरकार के एजेंडे में अब तक नहीं रहा है।