नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में चल रहा घमासान थमता नहीं दिख रहा है।
वर्मा ने अपनी चिट्ठी में नीतीश के साथ हुई व्यक्तिगत बातचीत का ब्यौरा देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई थीं। वर्मा ने दावा किया था कि नीतीश ने संघ मुक्त भारत की बात कही थी।
जेडी (यू) ने संसद के दोनों सदनों में इस क़ानून का समर्थन किया था। नीतीश के इस बयान का मतलब यह समझा जाना चाहिए कि उन्होंने पवन वर्मा के साथ ही प्रशांत किशोर को भी सख़्त संदेश दिया है।