loader

लाउड स्पीकर विवाद: बीजेपी की मांग से क्यों सहमत है आप?

दिल्ली बीजेपी की ओर से धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटाए जाने की मांग का आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सैद्धांतिक रूप से वह बीजेपी की इस मांग से सहमत है। बता दें कि दिल्ली बीजेपी के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटाए जाने की मांग की है। 

प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने इस संबंध में उपराज्यपाल को पत्र लिखा है तो आदेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से यह मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह धर्म और आस्था से परे होकर धार्मिक संस्थानों और धार्मिक केंद्रों से लाउड स्पीकर हटाए जाने की राय से सहमत है। हालांकि उसने बीजेपी से कहा है कि यह मुद्दा दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र का है और दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन काम करती है इसलिए बीजेपी इस मामले में खुद ही दिल्ली पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कहे।

ताज़ा ख़बरें

जबकि मंगलवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने कहा था कि उनकी पार्टी दिल्ली में धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटाए जाने का विरोध करेगी। 

आतिशी ने पूछा था, “क्या अब आप हमें यह बताएंगे कि हम जागरण नहीं कर सकते हैं, अब आप हमें यह बताएंगे कि क्या अब अब हम सुंदरकांड का पाठ नहीं कर सकते हैं, यह आदेश गुप्ता कौन होते हैं हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले।”

Loudspeaker row in delhi AAP in favour  - Satya Hindi

बदल लिया स्टैंड?

आतिशी के इस बयान के कुछ देर बाद ही आम आदमी पार्टी का बीजेपी की मांग से सहमत होना बताता है कि वह भी लाउड स्पीकर के मामले में बीजेपी के बुने गए जाल में नहीं फंसना चाहती। क्योंकि महाराष्ट्र में लाउड स्पीकर विवाद अच्छा-खासा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। 

Loudspeaker row in delhi AAP in favour  - Satya Hindi
महाराष्ट्र में मस्जिदों से लाउड स्पीकर हटाए जाने की मांग ने अच्छा-खासा तूल पकड़ लिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने मस्जिदों से लाउड स्पीकर नहीं हटाए जाने पर उनके आगे दोगुनी आवाज में लाउड स्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने का एलान किया है। उन्होंने इस बारे में देश भर के हिंदू समुदाय को पत्र भी लिखा है और अपने-अपने राज्यों में वहां की सरकारों से लाउड स्पीकर हटाने के लिए दबाव बनाने को कहा है। 
दिल्ली से और खबरें

इस बीच उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थानों से हजारों की संख्या में लाउड स्पीकर को हटा दिया गया है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लाउड स्पीकर से कितनी आवाज बाहर आनी चाहिए इस बारे में आदेश बहुत साल पहले ही दिया जा चुका है और अब इसी आदेश का बार-बार जिक्र किया जा रहा है।

बीजेपी के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने भी सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश का जिक्र करते हुए कहा है कि या तो सभी धार्मिक स्थलों से लाउड स्पीकर हटा दिए जाने चाहिए या जितनी आवाज की अनुमति दी गई है, उतनी ही आवाज बाहर आनी चाहिए। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

दिल्ली से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें