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संबित पात्रा ने केजरीवाल का छेड़छाड़ वाला वीडियो क्यों शेयर किया?

नये कृषि क़ानूनों पर अरविंद केजरीवाल द्वारा समर्थन देना साबित कर देने से क्या फर्क पड़ जाएगा कि संबित पात्रा ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं? वह भी बिना पुष्ट किए हुए कि वह वीडियो सही है या ग़लत या फिर कहीं छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। अब तो ट्विटर ने ही उस शेयर किए गए वीडियो पर लिख दिया है कि वह छेड़छाड़ किया गया वीडियो है, फिर भी संबित पात्रा ने इस पर कोई सफ़ाई नहीं दी है। दरअसल, उन्होंने 18 सेकंड का एक ऐसा वीडियो शेयर किया है जिसमें अरविंद केजरीवाल कृषि क़ानूनों की तारीफ़ करते सुने जा सकते हैं। उस वीडियो के साथ संबित पात्रा ने ट्वीट में लिखा, 'तीनों कृषि क़ानूनों के लाभ गिनाते हुए... सर जी:'

संबित पात्रा द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में केजरीवाल को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'आपकी ज़मीन, एमएसपी और मंडियों को नहीं छीना जाएगा। किसान अब देश में कहीं भी अपनी फ़सल बेच सकता है। अब किसान को अच्छे दाम मिलेंगे, वह मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकता है। दिलीप जी, यह पिछले 70 वर्षों में कृषि के क्षेत्र में सबसे बड़ा क्रांतिकारी क़दम होगा।'

संबित का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब किसान आंदोलन के क़रीब दो महीने हो चुके हैं और किसान इन कृषि क़ानूनों को रद्द कराना चाहते हैं। वे दिल्ली की सीमा पर डटे हैं। 26 जनवरी को हिंसा के बाद आंदोलन को बदनाम किए जाने का आरोप लगा। लेकिन फिर से आंदोलन तेज़ हो गया है। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और इसलिए केंद्र सरकार, बीजेपी और इसके समर्थकों के निशाने पर हैं। 

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यही कारण है कि संबित पात्रा के साथ ही कई अन्य लोगों ने वीडियो को ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाए। 

'नुक्कड़ वाले काका' नाम के यूज़र ने लिखा है, 'मुझे बहुत शर्म आती है कि जीवन में एक बार मैंने दिल्ली में इस आदमी के लिए प्रचार करने के लिए अपनी कक्षाएँ छोड़ी थीं। एक उम्मीद थी कि वह भारतीय राजनीति को अच्छाई में बदल देंगे। उन्होंने निश्चित रूप से राजनीति को बदल दिया लेकिन केवल सबसे बुरे के लिए।'

विकास प्रीतम सिन्हा नाम के यूज़र ने लिखा है, 'सरजी यह बातें गुलाटी मारते हुए भी कह सकते थे, पर ऐसा नहीं किया उन्होंने और यह भी मानव जाति पर उनका उपकार है।'

धर्मेंद्र छोनकर नाम के यूज़र ने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल 3 कृषि विधेयकों के फायदे बता रहे हैं। 

ऑल्ट न्यूज़ और बूम लाइव जैसी फ़ैक्ट चेक करने वाली वेबसाइटों ने इस वीडियो की पड़ताल की है। इसमें कहा गया है कि संबित पात्रा और दूसरों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री का जो वीडियो शेयर किया है उसके साथ छेड़छाड़ की गई है।

जो उसका मूल वीडियो है उसमें अरविंद केजरीवाल को कृषि बिल के ख़िलाफ़ बोलते हुए सुना जा सकता है। कई सोशल मीडिया यूज़र ने बताया कि यह एक संपादित क्लिप थी।

ऑल्ट न्यूज़ ने लिखा है, 'ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल ने 15 जनवरी, 2021 को पूरा वीडियो अपलोड किया है, जिसमें दिल्ली के सीएम का साक्षात्कार चैनल के संपादक दिलीप तिवारी और उनके सहयोगी जगदीप संधू द्वारा किया जा रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार, एक सवाल के जवाब में अरविंद केजरीवाल कहते हैं- 'कैसे? केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने बड़े नेताओं को मैदान में उतारा। उनके सभी वरिष्ठ मंत्री और मुख्यमंत्री जनता को यह समझाने के लिए आए थे कि ये विधेयक किसानों के लाभ के लिए हैं। मैंने ये सभी भाषण सुने हैं। इन भाषणों में वे क्या कहते हैं? उनका कहना है कि यह बिल आपकी ज़मीन नहीं छीनेगा, लेकिन यह कोई फायदा नहीं है। वैसे भी ज़मीन उनकी है। आपका MSP नहीं छिना जाएगा। यह कोई लाभ नहीं है, यह पहले से ही उपलब्ध था। आपकी मंडी को छीना नहीं जाएगा। और यह भी पहले से ही था। तो क्या हुआ? एक भी नेता लाभ को सूचीबद्ध करने में सक्षम नहीं है। जब आप उन्हें आगे पूछते हैं, तो वे कहते हैं कि किसान अब देश में कहीं भी अपनी फ़सल बेच सकता है। यह एकमात्र लाभ है जिसका वे उल्लेख करते हैं, है ना? अब किसान को अच्छे दाम मिलेंगे, वह मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकता है। मैं पूरे उचित सम्मान के साथ सीधे केंद्र से पूछना चाहता हूँ। पंजाब और हरियाणा की मंडियों में आज एक क्विंटल गेहूं का एमएसपी 1,800 रुपये है। बिहार में कोई मंडी नहीं है, और वहाँ के किसान गेहूं को 800 रुपये में बेच रहे हैं। यह किसान जो 800 रुपये में बेच रहा है, क्या आप उसे बता सकते हैं कि उसे मंडी के बाहर अपने गेहूं के लिए 1,800 रुपये से अधिक पाने के लिए कहाँ जाना चाहिए?'
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इसके अलावा भी अरविंद केजरीवाल ने एक और सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'इन तीन कृषि बिलों को निरस्त किया जाना चाहिए। और एमएसपी की गारंटी देने वाला क़ानून पेश किया जाना चाहिए...।'

इस तरह साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि 18-सेकंड की क्लिप को अरविंद केजरीवाल के एक साक्षात्कार से कई क्लिप को संपादित करके दिखाया गया है। इसे इस तरह संपादित किया गया है कि ऐसा लगे जैसे अरविंद केजरीवाल कृषि क़ानूनों के समर्थन में बोल रहे हैं।

बता दें कि ऑल्ट न्यूज़ और बूम लाइव जैसी वेबसाइटों ने संबित पात्रा के कई ऐसी पोस्टों और वीडियो को ग़लत सूचना फैलाने वाला पाया है और इसकी रिपोर्टिंग भी की है। 

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