आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी प्रमुख केजरीवाल पर जबरदस्त हमला बोल दिया है। उन्होंने 24 घंटे में दूसरा वीडियो जारी करते हुए कहा है कि उन्हें खामोश किया गया है, वो हारे नहीं हैं। सुबह 10 बजे अपने दो मिनट के इस वीडियो में राघव ने कहा कि वक्त आने पर वो सैलाब बन जाएंगे। उन्होंने शब्द इस्तेमाल किया है- आम आदमी पार्टी से मैं कहना चाहता हूं। राघव चड्ढा ने अपने दूसरे वीडियो में केजरीवाल का नाम तो नहीं लिया लेकिन हमला उन्हीं पर है। नया वीडियो देखने के बाद ही आपको पूरा घटनाक्रम समझ आएगा। राघव चड्ढा का दूसरा वीडियो आने के बाद आम आदमी पार्टी ने भी उन्हें करारा जवाब दिया। सांसद संजय सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी वीडियो बयान जारी कर राघव चड्ढा पर हमला बोला है।

आप का राघव चड्ढा को करारा जवाब

आम आदमी पार्टी में आंतरिक कलह की अटकलें तेज हो गईं हैं। आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं और असली मुद्दों को उठाने में नाकाम रहे हैं। वो समोसे पर सवाल करते हैं लेकिन मोदी के मामले में चुप रहते हैं। सांसद संजय सिंह ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि हम केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं। राघव चड्ढा मोदी के खिलाफ बोलते नहीं हैं। आप दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी छोटी पार्टी है। संसद में हमे कम टाइम मिलता है। उस समय अगर कोई समोसे पर सवाल पूछे तो यह कहां की परिपक्वता है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने चड्ढा पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे समोसे की कीमतों जैसे मुद्दों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलने में लगातार हिचकिचा रहे हैं। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों से आप डर गए हैं, राघव। आप मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं। आप देश के असली मुद्दों को उठाने से डरते हैं।" इससे पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी का संकेत मिलता है।
ताज़ा ख़बरें
इससे पहले राघव चड्ढा ने अपनी संसदीय गतिविधियों का एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो के साथ उन्होंने एक इमोजी लगाया, जिसे 'evil eye' से बचाव का प्रतीक माना जाता है। पार्टी की ओर से राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिए जाने के कुछ घंटों बाद ये वीडियो आया था। उन्होंने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। अगर इस वीडियो में दिए गए कंटेंट के मद्देनजर बात की जाए तो इसमें जनहित या आम लोगों से जुड़े सवाल राघव ने संसद में उठाए हैं। तो क्या सवालों से नाराज़ होकर केजरीवाल ने उन्हें डिप्टी लीडर पद से हटा दिया, क्योंकि राघव चड्ढा को उससे पब्लिसिटी बहुत मिल रही थी।
राघव चड्ढा, मई 2022 में आप के राज्यसभा सांसद चुने गए थे। आप ने उन्हें राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाने के लिए राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखा। पार्टी ने पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को उनके स्थान पर डिप्टी लीडर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा। पत्र में यह भी कहा गया कि राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का समय नहीं दिया जाए।

इस कदम से पार्टी में दरार की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि आप नेतृत्व का कहना है कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है और "हर किसी को मौका मिलना चाहिए"। लेकिन केजरीवाल पर पार्टी में मनमानी करने और एकतरफा फैसले लेने के आरोप पहले से ही लगते रहे हैं।

राघव चड्ढा का वीडियो

पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर संसद में अपनी विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए जनहित सवालों का एक कंपाइलेशन वीडियो शेयर किया। वीडियो में 37 वर्षीय सांसद ने वायु प्रदूषण, हवाई किरायों में वृद्धि, गिग वर्कर्स के अधिकार और मोबाइल प्रीपेड प्लान की 28 दिनों की वैलिडिटी जैसे जन-सामान्य से जुड़े मुद्दों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं।
वीडियो में कोई कैप्शन नहीं जोड़ा गया, सिर्फ एक इमोजी लगा है। यह इमोजी नेगेटिव ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव का प्रतीक माना जाता है। यही अपने आप में सांकेतिक जवाब है। समझा जाता है कि राघव चड्ढा फिलहाल केजरीवाल के आगे सरेंडर के मूड में नहीं लग रहे हैं। उनके पास आम आदमी पार्टी की बहुत सारी जानकारियां और हिसाब-किताब के दस्तावेजी सबूत हैं।
राघव चड्ढा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और पहले अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी माने जाते थे। उन्होंने पंजाब और दिल्ली में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हाल के महीनों में यह समीकरण बदला हुआ लग रहा है।

  • मार्च 2024 में केजरीवाल की शराब नीति मामले में गिरफ्तारी के समय चड्ढा मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए विदेश गए हुए थे। केजरीवाल की लगभग छह महीने की जेल के दौरान वे दूर रहे और रिहाई के कुछ दिन बाद ही उनसे मिले।
  • पिछले महीने दिल्ली कोर्ट ने केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आप नेताओं को शराब नीति मामले में बरी कर दिया। इस पर चड्ढा चुप रहे। उन्होंने केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर-मंतर पर आयोजित रैली में भी भाग नहीं लिया।
इन घटनाओं के बावजूद चड्ढा संसद के अंदर और बाहर सक्रिय रहे हैं। वे युवाओं में खासे लोकप्रिय सांसद माने जाते हैं, क्योंकि वे रोजमर्रा के मुद्दों को उठाते हैं। वे राज्यसभा की वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी हैं।
देश से और खबरें

अशोक मित्तल का बयान

नए डिप्टी लीडर अशोक मित्तल ने कहा कि राघव चड्ढा को हटाना पार्टी की सामान्य प्रक्रिया है और इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी में हर किसी को बोलने का समय मिलता है। यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। राघव चड्ढा को भी भविष्य में राज्यसभा में बोलने का समय दिया जाएगा।" मित्तल ने यह भी कहा कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में चड्ढा की भूमिका के बारे में पार्टी बाद में फैसला करेगी।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं।यह घटनाक्रम आप के अंदरूनी बदलावों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है, हालांकि पार्टी इसे सामान्य पार्टी प्रक्रिया बता रही है। राघव चड्ढा अब भी संसदीय मुद्दों पर अपनी सक्रियता जारी रखे हुए हैंI