'कॉकरोच जनता पार्टी' के X अकाउंट को IT एक्ट की धारा 69A के तहत रोक दिया गया था। सरकार ने अब हाईकोर्ट में कहा कि उन्हें अकाउंट को बैन से मुक्त करने पर कोई आपत्ति नहीं है। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आधिकारिक अकाउंट को तुरंत अनब्लॉक (बहाल) करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह फैसला तब सुनाया जब केंद्र सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि अब उन्हें इस अकाउंट को अनब्लॉक करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
नीट (NEET) परीक्षा के दौरान हुआ था ब्लॉक
यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के सामने आया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस सोशल मीडिया अकाउंट को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा के मद्देनजर ब्लॉक किया गया था।सॉलिसिटर जनरल मेहता ने दलील देते हुए कहा, "इसे उस समय ब्लॉक किया गया था जब नीट की परीक्षा होने वाली थी और लाखों छात्र इसमें शामिल हो रहे थे। सोशल मीडिया पर किए जा रहे कई पोस्ट ऐसे थे जो छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम या अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर सकते थे। अब चूंकि परीक्षा संपन्न हो चुकी है, इसलिए सरकार को इसे अनब्लॉक करने में कोई आपत्ति नहीं है।"
सॉलिसिटर जनरल के इस बयान के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अकाउंट को तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए।
अभिजीत दिपके ने दायर की थी याचिका
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने वकील नकुल गांधी (NG लॉ चैंबर्स) के जरिए दिल्ली हाईकोर्ट में सरकार के ब्लॉकिंग ऑर्डर को चुनौती दी थी। सरकार ने शुरुआत में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिले इनपुट और "राष्ट्रीय सुरक्षा" का हवाला देते हुए आईटी एक्ट (IT Act), 2000 की धारा 69(A) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के जरिए इस हैंडल पर रोक लगाई थी।इससे पहले 29 मई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि इस मामले के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं, इसलिए सरकार का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता।
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' और कैसे हुई शुरुआत?
'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच एक बेहद लोकप्रिय और व्यंग्यात्मक (satirical) ऑनलाइन मूवमेंट के रूप में उभरी है। 'X' पर इसके लाखों फॉलोअर्स हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर इस आंदोलन से जुड़े वीडियो और पेजों के 22 मिलियन (2.2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इसकी शुरुआत बोस्टन (अमेरिका) में रहने वाले अभिजीत दिपके ने की थी।यह आंदोलन मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आया था। दरअसल, 15 मई को चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चिंता जताई थी कि कई युवा वकील वकालत छोड़कर सोशल मीडिया और आरटीआई (RTI) एक्टिविज्म की तरफ भाग रहे हैं। टिप्पणी के दौरान उन्होंने कहा था कि "कॉकरोच की तरह कुछ युवा" परजीवी बन रहे हैं। हालांकि, बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री और गलत दस्तावेजों के सहारे पेशे में आने वाले लोगों के लिए थी, न कि देश के बेरोजगार युवाओं के लिए। लेकिन युवकों ने सीजेआई की सफाई को स्वीकार नहीं किया।
इसी टिप्पणी को आधार बनाकर युवाओं ने व्यंग्य के तौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाई, जो देश में बेरोजगारी, सरकारी संस्थाओं की जवाबदेही, नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरती आ रही है। CJP के कार्यकर्ता नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस धरने को अनुमति नहीं दी।