loader

दिलजीत ने इनकम टैक्स सर्टिफ़िकेट शेयर कर दिया आलोचकों को जवाब

किसान आंदोलन का समर्थन करने के कारण कई पंजाबी गायक जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। गायक ही नहीं किसान नेता और आढ़तियों को भी एजेंसियां नोटिस भेज रही हैं और इसे लेकर किसान नाराज़ हैं। 

ऐसी चर्चा है कि पंजाबी इंडस्ट्री के जाने-पहचाने चेहरे दिलजीत दोसांज के ख़िलाफ़ इनकम टैक्स विभाग जांच कर सकता है। ऐसे में दिलजीत ने इस तरह की चर्चाओं को फैलाने वाले आलोचकों को जोरदार जवाब दिया है। 

ताज़ा ख़बरें

दिलजीत ने ट्विटर पर लिखा, ‘मन तो नहीं कर रहा था लेकिन आज हालात ऐसे बन गए कि अपने आप को भारत का नागरिक होने का सबूत देना पड़ रहा है।’ दिलजीत ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी सर्टिफिकेट शेयर किया है जिसमें लिखा है कि उन्होंने साल 2019-20 का टैक्स अदा किया है। इसमें यह भी लिखा है कि देश के निर्माण में उनके योगदान को स्वीकार करते हुए उन्हें प्लैटिनम कैटेगरी में रखा गया है। 

दिलजीत ने ट्विटर पर ऐसे लोगों को भी जवाब दिया है जो उनकी देशभक्ति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है, ‘ट्विटर पर बैठकर अपने आप को देशभक्त बताने से तुम देशभक्त नहीं बन जाते, उसके लिए काम करना पड़ता है।’ 

पंजाबी गानों के लिए दुनिया भर में स्टेज शो करने वाले दिलजीत ने एक और ट्वीट कर उनके बारे में फ़र्जी ख़बरें बनाने वालों की ढंग से ख़बर ली। उन्होंने कहा कि सारा दिन खाली बैठकर ट्विटर पर फ़र्जी ख़बरें बनाने वाले लोगों को ईश्वर देख रहा है, इसलिए जो कोई भी कुछ कर रहा है, उसे करने दो। 

दिलजीत की सिंघु बॉर्डर पर मौजूदगी रही थी और उन्होंने वहां पहुंचकर किसानों की हौसला अफजाई की थी। उन्होंने किसानों के लिए गर्म कपड़े ख़रीदने के लिए 1 करोड़ रुपये भी दिए थे।

कंगना को सिखाया था सबक

किसान आंदोलन के शुरुआती दिनों में दिलजीत की सिने अदाकारा कंगना रनौत के साथ जमकर बहस हुई थी। कंगना ने किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहीं एक बुजुर्ग दादी को लेकर ट्वीट किया था कि वह 100 रुपये लेकर आ रही हैं। कंगना की इस बात पर दिलजीत सहित कई पंजाबी गायकों ने उन्हें जमकर लताड़ लगाई थी। 

Diljit Dosanjh shares IT certificate  - Satya Hindi

दिलजीत ने उन बुजुर्ग दादी का इंटरव्यू शेयर किया था। यह इंटरव्यू बीबीसी ने लिया था जिसमें ये बजुर्ग दादी महिंदर कौर ने कंगना रनौत से कहा था कि कि वह आएं और देखें कि किसान कैसे काम करते हैं। दिलजीत ने लिखा था कि कंगना सबूत के साथ इन्हें सुन ले और किसी को भी इतना भी अंधा नहीं होना चाहिए, वह (कंगना) कुछ भी बोलती जाती है। 

इसके जवाब में कंगना ने जब दिलजीत को फ़िल्म निर्देशक करन जौहर का पालतू कहा तब भी इस पंजाबी गायक ने उन्हें जोरदार जवाब दिया था। दिलजीत ने लिखा था, ‘तूने जितने लोगों के साथ फ़िल्म की क्या तू उन सब की पालतू है, तो ऐसे में मालिकों की लिस्ट लंबी हो जाएगी।’ 

देश से और ख़बरें

कंगना और दिलजीत का ये झगड़ा जबरदस्त चला था और पूरे पंजाब में इसकी ख़ूब चर्चा हुई थी। 

आढ़ती भी निशाने पर 

किसानों के समर्थन में पंजाब बोलदा गाना गाने वाले गायक रंजीत बावा भी ईडी के रडार पर हैं। गायकों के अलावा आढ़तियों के ख़िलाफ़ इनकम टैक्स (आईटी) विभाग छापेमारी से लेकर नोटिस देने की कार्रवाई कर चुका है। आढ़तियों के शीर्ष संगठन फ़ेडरेशन ऑफ़ आढ़तिया एसोसिएशंस ऑफ़ पंजाब ने आरोप लगाया था कि आढ़तियों को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ हैं और किसानों के आंदोलन में उनके साथ हैं। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें