भारत में ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन फिर विवादों में है। ईवीएम पर भरोसा है या नहीं? इस पर एक सर्वे की रिपोर्ट आई है। इसमें कहा गया है कि कर्नाटक के ज्यादातर लोग ईवीएम पर भरोसा करते हैं और मानते हैं कि देश में चुनाव निष्पक्ष होते हैं। लेकिन इस सर्वे को कांग्रेस ने बीजेपी का टूलकिट क़रार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह सर्वे चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने करीबियों से करवाया है, ताकि खुद को 'वोट चोरी' के आरोपों से बचाया जा सके।

'फर्जी सर्वे' और 'वोट चोरी' का कवर-अप: कांग्रेस

कांग्रेस ने इस सर्वे को पूरी तरह फर्जी और पक्षपाती बताया है। उसका कहना है कि चुनाव आयोग और मोदी सरकार ने खुद को क्लीन चिट देने के लिए यह सर्वे करवाया। कांग्रेस ने आधिकारिक एक्स खाते से जारी एक पोस्ट में कहा है, "चुनाव आयोग और नरेंद्र मोदी ने 'वोट चोरी' में खुद को क्लीन चिट देने के लिए एक सर्वे कराया। इस सर्वे में बताया गया कि लोगों को ईवीएम पर भरोसा है और वे मानते हैं कि भारत में निष्पक्ष चुनाव होते हैं। रोचक बात है- ये सर्वे जिस एनजीओ GRAAM ने किया, वह नरेंद्र मोदी के करीबी आर. बालासुब्रमणयम का है।"

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कांग्रेस ने आगे कहा है कि इतना ही नहीं, बालासुब्रमणयम ने नरेंद्र मोदी की चापलूसी में किताब भी लिखी है। पार्टी ने आगे कहा है, "चुनाव आयोग और नरेंद्र मोदी समझ चुके हैं कि उनका वोट चोरी का खेल जनता के सामने आ गया है। इसलिए अपने करीबियों से ऐसे फर्जी सर्वे करा कर जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता 'वोट चोरी' का सच जान चुकी है। नरेंद्र मोदी जी... इस तरह के फर्जी सर्वे से कुछ होने वाला नहीं है, उल्टा आपकी घबराहट ही नज़र आती है।"

सुप्रिया श्रीनेत ने क्या कहा?

  • यह सर्वे चुनाव आयोग ने एनजीओ GRAAM से करवाया
  • एनजीओ GRAAM के संस्थापक बालासुब्रमण्यम पीएमओ PMO में काम करते हैं
  • बड़े भक्त हैं, 2024 में नरेंद्र मोदी के 'नेतृत्व' पर चापलूसी भरी एक किताब लिख डाली
  • सर्वे मई 2025 में किया गया, राहुल गांधी ने वोटचोरी का खुलासा सबसे पहले अगस्त 2025 में किया था।
  • कितने फ्रॉड भरे पड़े हैं चुनाव आयोग, पीएमओ और सरकार में!

'राज्य सरकार का सर्वे' बड़ा झूठ: मंत्री

कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, "इलेक्शन कमीशन ने स्टेट चीफ़ इलेक्टोरल ऑफिसर के ज़रिए सर्वे करवाया। सर्वे मोदी के एक आदमी ने किया जो पीएमओ में काम करता है और उसने पीएम की तारीफ़ में एक शानदार किताब लिखी है। सर्वे मई 2025 में किया गया। कांग्रेस का वोट चोरी का पूरा खुलासा अगस्त 2025 में सामने आया। सर्वे में हर असेंबली से सिर्फ़ 50 लोगों को शामिल किया गया। यह स्टैटिस्टिकली कमज़ोर है, इसमें सैंपलिंग एरर और सिलेक्शन बायस की बहुत ज़्यादा संभावना है और इससे कोई नतीजा नहीं निकाला जा सकता।"
बीजेपी इस सर्वे को 'राज्य सरकार का सर्वे' कह कर झूठ बोल रही है। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी आलंद वोट चोरी चार्जशीट पर चुप है, जिसमें पूर्व बीजेपी विधायक A1 के रूप में आरोपी बनाया गया है।
प्रियांक खड़गे
कांग्रेस नेता

सर्वे में क्या कहा गया है?

यह सर्वे 'एंडलाइन सर्वे ऑफ़ नॉलेज, एटिट्यूड एंड प्रैक्टिस ऑफ़ सिटीजंस' नाम से किया गया था। यह सर्वे मई 2025 में हुआ था और इसे एनजीओ GRAAM ने किया था। आरोप है कि यह चुनाव आयोग की तरफ से करवाया गया। इसमें दावा किया गया है कि कर्नाटक के 5100 लोगों से बात की गई, जो बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरू जैसे इलाकों के 102 विधानसभा क्षेत्रों से थे। सर्वे के नतीजे बताते हैं-
  • 83.61% लोगों ने कहा कि ईवीएण भरोसेमंद हैं।
  • 69.39% ने माना कि ईवीएम सही नतीजे देते हैं
  • 14.22% ने इसे पूरी तरह सही बताया।

राहुल गांधी को तमाचा: बीजेपी

बीजेपी ने इस सर्वे को राहुल गांधी के दावों पर बड़ा झटका बताया। कर्नाटक बीजेपी के विपक्षी नेता आर. अशोक ने एक्स पर पोस्ट किया, 'सालों से राहुल गांधी देश घूमकर कहते रहे कि भारत की लोकतंत्र खतरे में है, ईवीएम पर भरोसा नहीं, संस्थाएं विश्वसनीय नहीं। लेकिन कर्नाटक ने अलग कहानी बताई।' उन्होंने कहा कि लोग चुनाव, ईवीएम और लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं, और यह कांग्रेस के मुंह पर तमाचा है।'
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बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस हमेशा ईवीएम पर सवाल उठाती है, लेकिन जब वे जीतते हैं तो चुप रहते हैं। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की आरोपबाजी हास्यास्पद नहीं, बल्कि संदिग्ध है।

मीडिया रिपोर्ट में क्या है?

डेक्कन हेराल्ड जैसे मीडिया में इस सर्वे को लीड स्टोरी बनाया गया, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि इसमें सच्चाई छिपाई गई। मीडिया रिपोर्ट बताती है कि यह सर्वे 2024 लोकसभा चुनाव पर आधारित है और ईवीएण पर जनता का भरोसा दिखाता है। लेकिन कांग्रेस इसे चुनिंदा तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है। कुछ पुरानी रिपोर्ट्स में भी ईवीएम पर विवाद दिखते हैं, जैसे 2023 में कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के आरोपों को ईसीआई ने खारिज किया था। हाल ही में कर्नाटक सरकार ने लोकल बॉडी चुनावों में ईवीएम की जगह बैलट पेपर इस्तेमाल करने का फैसला किया, जो ईवीएम पर बढ़ते अविश्वास को दिखाता है।
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राहुल गांधी का आरोप

राहुल गांधी लंबे समय से ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। वे कहते हैं कि ईवीएम से वोट चोरी हो सकती है और आरएसएस ने संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। वहीं, ईसीआई और बीजेपी कहते हैं कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह सर्वे इसी बहस में नया मोड़ है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे सर्वे से कुछ नहीं होगा, बल्कि मोदी की घबराहट दिखती है।