ईरान पर अमेरिका और इसराइल द्वारा थोपे गए युद्ध की वजह से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है और अब यह ₹913 का हो गया है। गैस सप्लाई करने वाले खाड़ी देश युद्ध की चपेट में हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के कारण घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दामों में तेजी से वृद्धि हुई है। भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट के अनुसार, आज शनिवार 7 मार्च से गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत 60 रुपये बढ़ाकर दिल्ली में 913 रुपये कर दी गई है, जो पहले 853 रुपये थी।
यह वृद्धि पिछले 11 महीनों में दूसरी बार हुई है। अप्रैल 2025 में घरेलू एलपीजी की कीमत 50 रुपये बढ़ाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में खाना पकाने की गैस अभी भी सबसे सस्ती है।
दिल्ली के अलावा अन्य प्रमुख शहरों में नई कीमतें इस प्रकार हैं:
मुंबई: 912.50 रुपये
कोलकाता: 939 रुपये
चेन्नई: 928.50 रुपये
ये दरें राज्यवार स्थानीय सेल्स टैक्स या वैट के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।
इस बढ़ोतरी का उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। वे प्रति वर्ष 12 रिफिल तक 300 रुपये की सब्सिडी प्राप्त करते रहेंगे।
कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा
कमर्शियल एलपीजी (19 किलो सिलेंडर), जो होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होता है, की कीमत 114.5 रुपये बढ़कर दिल्ली में 1,883 रुपये हो गई है। यह वृद्धि 1 मार्च को हुई 28 रुपये की बढ़ोतरी के ऊपर है। इस साल अब तक कमर्शियल एलपीजी की कीमत में कुल 302.50 रुपये की वृद्धि हो चुकी है।यह बढ़ोतरी आम घरों की रसोई और छोटे-बड़े व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ डालेगी, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई है। तेल कंपनियों ने वैश्विक बाजार की अस्थिरता को इसका मुख्य कारण बताया है।