भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद US Justice Department की वेबसाइट पर Epstein Files के 'भारत' सर्च से 6 पन्ने (60 फाइलें) गायब हो गईं। क्या इसकी आड़ में राष्ट्रीय हित का सौदा किया गया? इन आरोपों के बीच भाजपा चुप है।
एपस्टीन फाइल्स से 6 पेज यानी 60 फाइलें गायब हैं। कहा जा रहा है कि भारत-यूएस ट्रेड डील के बाद ये पेज गायब हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) की वेबसाइट पर उपलब्ध Epstein Files में 'भारत' सर्च करने से जुड़े एक सनसनीखेज दावे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 6 फरवरी 2026 को 'भारत' खोजने पर 484 पेज के नतीजे मिले रहे थे, लेकिन अब सिर्फ 478 पेज ही दिख रहे हैं। इससे करीब 6 पेज यानी लगभग 60 फाइलों के दस्तावेज गायब हो गए हैं। खेड़ा ने इसे हाल ही में भारत-अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील से जोड़ते हुए सवाल उठाया है कि क्या भारत सरकार ने अपनी गिरती साख बचाने के लिए देश के हितों का सौदा किया है? उन्होंने भाजपा की चुप्पी पर भी निशाना साधा है।
पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "हमारी एक टीम हर पेज की फाइलों को जांच रही थी और दिलचस्पी वाले दस्तावेजों को कैटलॉग कर रही थी। आज अगर आप वही प्रक्रिया दोहराएं, तो उस वेबसाइट पर सिर्फ 478 पेज दिखेंगे। इसका मतलब है कि 6 पेज, यानी करीब 60 फाइलें, सर्च नतीजों से गायब हो गई हैं।"
क्या ट्रेड डील के बदले वे पेज गायब किए गएः खेड़ा
उन्होंने कहा, "इस घटनाक्रम का सीधा संबंध भारत-अमेरिका के बीच एकपक्षीय, अमेरिका-समर्थक ट्रेड डील है। इसलिए सवाल अनिवार्य है: क्या भारत-विरोधी व्यापार समझौता उन घोटालेबाज सामग्रियों को गायब करने की कीमत थी? क्या सरकार ने अपनी तेजी से गिरती साख बचाने के लिए भारत के हितों का सौदा किया? और एक और बात ध्यान दें - भाजपा, जो आमतौर पर अनावश्यक रूप से शोर मचाती है, एपस्टीन खुलासों पर अजीबोगरीब चुप्पी साधे हुए है। पार्टी इस चुप्पी की दीवार के पीछे क्या छिपा रही है?"
एपस्टीन और भारत से जुड़े सवाल
जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी करोड़पति फाइनेंसर थे, जिन्हें नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और ट्रैफिकिंग के आरोप में दोषी ठहराया गया था। उसकी 2019 में जेल में संदिग्ध मौत हो गई। जनवरी 2026 में, अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन जांच से जुड़ी 30 लाख से अधिक पेज की फाइलें, 2,000 वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें सार्वजनिक कीं। ये फाइलें एपस्टीन के अमीर और प्रभावशाली लोगों के साथ संबंधों को उजागर करती हैं, जिनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन, एलन मस्क और अन्य शामिल हैं।
हरदीप पुरी से संदर्भित पेज गायब
पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा है- भारत” से संबंधित एंट्री के बाद, “अंतर्राष्ट्रीय शांति संस्थान” और “जोशुआ फिंक” से जुड़े सर्च नतीजे भी गायब हो रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अंतर्राष्ट्रीय शांति संस्थान (IPI) वही न्यूयॉर्क स्थित थिंक टैंक है जहां हरदीप पुरी ने भारतीय सुरक्षा बल से रिटायर होने के बाद और भाजपा में शामिल होने से पहले काम किया था। इसे भी एपस्टीन से फंड मिला था। जोशुआ फिंक, लैरी फिंक के बेटे हैं, जो ब्लैक रॉक के प्रमुख हैं। एक ऐसी कंपनी जिसने अडानी समूह के बॉन्ड जारी करने में निवेश किया है।
खेड़ा ने लिखा है- इससे कई चिंताजनक सवाल उठते हैं। वे आखिर क्या छिपाने के लिए इतने बेताब हैं? क्या मोदी और उनके चापलूसों को बचाने के लिए इस व्यापार समझौते में भारत को बेच दिया गया?
भारत से जुड़े संदर्भों में, फाइलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अप्रत्यक्ष जिक्र है। एक ईमेल में एपस्टीन ने दावा किया कि मोदी ने 2017 में इसराइल यात्रा के दौरान ट्रंप को खुश करने के लिए गाया और नाचा था। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे "दोषी अपराधी की बकवास" बताते हुए खारिज कर दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "यह दोषी अपराधी की कचरा जैसी कल्पनाएं हैं, जिन्हें पूर्ण अवमानना के साथ खारिज किया जाना चाहिए।" फाइलों में एपस्टीन का भारत और पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन के लिए दान का भी जिक्र है, लेकिन कोई प्रत्यक्ष अपराधी कनेक्शन नहीं। एपस्टीन फाइल्स में अभी तक उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि अंबानी को एपस्टीन ने सुंदर गोरी महिला का ऑफर दिया था। इसी तरह अलग संदर्भों में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का भी जिक्र आ चुका है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: क्या है विवाद?
खेड़ा के आरोप का केंद्र हालिया भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता है, जिसकी घोषणा 6 फरवरी 2026 को हुई। व्हाइट हाउस के संयुक्त बयान के अनुसार, यह समझौता व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में एक कदम है। मुख्य बिंदु:अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगाए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया। भारत ने अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कृषि उत्पादों (जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन आदि) पर टैरिफ घटाया या खत्म किया। भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद करने का वादा किया और अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने की प्रतिबद्धता जताई। समझौता 7 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गया, जिसमें अमेरिका ने पहले वसूले गए टैरिफ की रिफंड का प्रावधान किया। विपक्ष इस ट्रेड डील को भारत की जनता और किसानों से धोखा बता रहा है। किसान संगठनों ने 12 फरवरी को हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ने उनका समर्थन किया है।
सरकार का दावा है कि यह समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा और 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "यह समझौता हमारे निर्यातकों को मदद देगा और कृषि क्षेत्र को प्रभावित नहीं करेगा।" हालांकि, विपक्ष इसे एकपक्षीय बताता है। कांग्रेस ने कहा कि यह भारत के हितों का सौदा है, जहां अमेरिका को अधिक फायदा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
भाजपा की चुप्पी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएंखेड़ा ने भाजपा की एपस्टीन खुलासों पर चुप्पी पर सवाल उठाया। भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस एपस्टीन फाइलों को तोड़-मरोड़कर पीएम मोदी को बदनाम कर रही है। कोई सीधा कनेक्शन नहीं है।" कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, "एपस्टीन फाइलों के खुलासे पीएम की पहुंच वाले राक्षसों के बारे में चेतावनी हैं। मोदी को सफाई देनी चाहिए।"
यह मुद्दा राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है, जहां विपक्ष इसे सरकार की साख पर हमला बता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ठोस सबूत के ऐसे दावे विदेश नीति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, डीओजे से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी के बेटे का जिक्र
एपस्टीन फाइल्स में कथित तौर पर राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी के बेटे का जिक्र भी आया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एपस्टीन फाइल्स के उस हिस्से का लिंक देते हुए, इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया है। ईमेल में लिखा है- सोमवार, 14 मई, 2018 को, एक प्रेषक (जिसका नाम गुप्त रखा गया है) ने Epstein को लिखा: “मैं इस गर्मी में रोम के पास स्थित हमारे पारिवारिक महल में जयपुर के महाराजा का जन्मदिन मना रहा हूँ। यह बहुत ही शानदार होने वाला है!”
यहाँ जिस “जयपुर के महाराजा” का जिक्र है, वह राजस्थान में भाजपा की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के बेटे सवाई पद्मनाभ सिंह हैं।
2018 में रोम में उनके भव्य 20वें जन्मदिन समारोह की जानकारी पहले से ही सार्वजनिक है। इसलिए, जब दीया कुमारी राज्य का बजट पेश करेंगी, तो शायद वह एपस्टीन के सहयोगी द्वारा उनके बेटे के लिए आयोजित जन्मदिन समारोह के बजट पर भी प्रकाश डाल सकें।
जो कुछ हम खोज रहे हैं, वह तो बस एक छोटा सा हिस्सा है। भाजपा और एपस्टीन के बीच गहरे संबंध हैं।