जनरल नरवणे की किताब को लेकर विवाद बढ़ गया। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इस पर एफआईआर दर्ज की थी। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि जनरल नरवणे झूठ नहीं बोल रहे, मोदी सरकार झूठ बोल रही।
जनरल नरवणे की किताब 2023 में ही छप चुकी थी
जनरल नरवणे की चर्चित किताब पर मोदी सरकार के बड़े झूठ का पर्दाफाश मंगलवार को नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कर दिया। राहुल गांधी ने मंगलवार को मोदी सरकार के साथ-साथ पेंगुइन रैंडम हाउस की असलियत सार्वजनक कर दी। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने प्रकाशित किया है। लेकिन मोदी सरकार और अब पेंगुइन कह रहे हैं कि किताब अप्रकाशित है। राहुल ने मंगलवार को कहा कि वो पूर्व सेना प्रमुख की बात पर ज्यादा विश्वास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि या तो जनरल नरावणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पेंगुइन, लेकिन "मुझे नहीं लगता कि पूर्व सेना प्रमुख झूठ बोल रहे हैं।"
मंगलवार को संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "जनरल नरवणे का एक ट्वीट (2023) है जिसमें लिखा है – 'जस्ट फॉलो द लिंक टू माई बुक'। मेरा कहने का मतलब है कि या तो नरावणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व सेना प्रमुख झूठ बोलेंगे।" यानी जनरल नरवणे ने 2023 में एक ट्वीट करके बताया था कि उनकी किताब पेंगुइन पर उपलब्ध है और उसका लिंक वहां दिया गया था।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि पेंगुइन का दावा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन किताब अमेज़न पर उपलब्ध है। उन्होंने जनरल नरवणे के 2023 के एक ट्वीट का हवाला देते हुए कहा, "प्लीज बाय माई बुक"। उन्होंने पूछा, "क्या आप पेंगुइन पर विश्वास करते हैं या नरवणे जी पर? मैं नरवणे जी पर विश्वास करता हूँ।"
उन्होंने आरोप लगाया कि किताब में कुछ ऐसे बयान हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। राहुल गांधी ने कहा, "मुझे लगता है कि नरवणे जी ने अपनी किताब में कुछ ऐसा लिखा हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। आपको तय करना है कि पेंगुइन सच बोल रहा है या पूर्व सेना प्रमुख।"
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले हफ्ते राहुल गांधी ने संसद परिसर में किताब की एक प्रति दिखाई और लोकसभा में इससे उद्धरण पढ़ने की कोशिश की, लेकिन इसे अप्रकाशित होने के आधार पर रोका गया। दिल्ली पुलिस ने किताब के कथित लीक या प्रसार पर एफआईआर दर्ज की है और स्पेशल सेल को जांच सौंपी है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उनके पास किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार हैं और किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। प्रकाशक ने कहा कि प्रिंट, डिजिटल या किसी भी फॉर्मेट में कोई कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई है और अनधिकृत प्रसार कॉपीराइट उल्लंघन होगा, जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा
पुलिस का कहना है, 'हमने सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म पर जानकारी मिलने पर जांच शुरू की। किताब पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा तैयार की गई लगती है, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने से यह अभी अनपब्लिश्ड है। स्पेशल सेल में एफ़आईआर दर्ज की गई है और जांच चल रही है।
ताकि सनद रहेः ट्वीट का स्क्रीन शॉट इसलिए लगाया जा रहा है कि डिलीट होने पर उपलब्ध रहे
मोदी ने कहा था- जो उचित समझो वो करो
दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर तब दर्ज की जब पिछले कुछ दिनों से लोकसभा में हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी 2 फरवरी से किताब के कुछ हिस्सों का हवाला देकर बोलना चाहते थे। वे कहते हैं कि किताब में जनरल नरवणे ने लिखा है कि 2020 में गलवान घाटी में चीन के साथ टकराव के दौरान जब उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल और अन्य नेताओं को 'चीनी टैंक आ रहे हैं' की जानकारी दी, तो लंबे समय तक कोई सीधा जवाब नहीं मिला। बाद में पीएम मोदी का संदेश आया - 'जो उचित समझो, वो करो'। राहुल गांधी का आरोप है कि इससे पीएम ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और सेना प्रमुख को अकेला छोड़ दिया।
राहुल गांधी का दावा है कि 'द कारवां' मैगजीन में किताब के कुछ अंश छपे थे, जिनसे वे सिर्फ उद्धरण देना चाहते थे। लेकिन स्पीकर ने रोक दिया। इसके बाद से राहुल आरोप लगा रहे हैं कि विपक्ष के नेता को बोलने तक नहीं दिया जा रहा है।
राजनाथ का बयान याद करिए
सरकार का कहना है कि किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा, 'मुझे यक़ीन है कि यह किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई।' उन्होंने राहुल गांधी से कहा, 'जो किताब का दावा कर रहे हैं, उसे सदन में पेश करें, हम देखना चाहते हैं।' स्पीकर ओम बिड़ला और बीजेपी सांसदों ने कहा कि अप्रकाशित किताब का हवाला देना सदन के नियमों के खिलाफ है और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है।
4 फरवरी को भी राहुल ने मोदी सरकार की पोल खोली थी
सरकार द्वारा ऐसी किसी किताब के छपे होने के दावे को खारिज किए जाने के बाद राहुल गांधी ने पिछले 4 फरवरी को संसद परिसर में किताब की प्रिंटेड कॉपी दिखाई और कैमरों के सामने कहा, 'देखिए, किताब है, सरकार कह रही है कि किताब नहीं है।' उन्होंने एक्स पर वीडियो डालकर कहा, 'मुझे लगता है पीएम आज लोकसभा में नहीं आएँगे, क्योंकि अगर आए तो मैं उन्हें यह किताब दूंगा।' लेकिन मोदी उस दिन और 5 फरवरी को लोकसभा में आए ही नहीं। उसके बाद उन्होंने राज्यसभा में भाषण देकर राहुल गांधी का सामना करने से बचाव किया। राहुल गांधी रोज़ाना संसद उस किताब के साथ जाते हैं, ताकि पीएम मोदी जैसे ही मिलें, उन्हें किताब भेंट कर दी जाए।
पवन खेड़ा का बयान
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मंगलवार को कहा कि पेंगुइन इंडिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है, जाहिर है वे भारी दबाव में हैं। खैर, जो पेंगुइन ने उचित समझा, वो किया। लेकिन चीफ (नरवणे) अभी भी सच्चाई के साथ खड़े हैं। यह किताब 2024 में प्रकाशित हुई थी और अमेज़न पर बिक्री के लिए उपलब्ध थी। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोला है।