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देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के 100 से ज़्यादा केस हुए: केंद्र

कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट भारत में भी काफ़ी तेज़ी से फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में अब तक 101 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही चिंतित करने वाली ख़बर यह है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि 19 ज़िलों में कोरोना मामलों में बढ़ने का ज़्यादा जोखिम है। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेताया है कि ब्रिटेन में इस वैरिएंट के संक्रमण की तेजी को देखते हुए भारत में प्रतिदिन 14 लाख मामले आ सकते हैं। ब्रिटेन में अब तक 11000 से ज़्यादा केस आ चुके हैं।

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। इसी के मद्देनज़र मंत्रालय ने मास्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोरोना नियमों का पालन करने पर जोर दिया। मंत्रालय ने लोगों से ग़ैर-ज़रूरी यात्रा से बचने और बड़ी भीड़ और सभाओं से दूर रहने का भी आग्रह किया है। 

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स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने क़रीब एक हफ़्ते पहले ही कोरोना प्रोटोकॉल के पालन को लेकर चेताया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी हो रही है, शादियाँ हो रही हैं इसलिए कोरोना नियमों का पालन किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि भारत में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। अग्रवाल ने डब्ल्यूएचओ की चेतावनी का हवाला देते हुए कहा था कि 'टीकाकरण के अलावा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को बनाए रखा जाना चाहिए। पर्याप्त सावधानियाँ बरती जानी चाहिए। सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में ढिलाई के कारण यूरोप में कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई।'

दिल्ली में आज यानी शुक्रवार को ही ओमिक्रॉन के 10 नए मामले सामने आए हैं। शहर में अब तक ओमिक्रॉन के 20 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से 10 का इलाज कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। पिछले 24 घंटों में शहर में समग्र कोरोना के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है और 85 मामलों का पता चला है। गुरुवार को 57 और बुधवार को 45 मामले सामने आए थे।

महाराष्ट्र में अब तक ओमिक्रॉन के सबसे ज़्यादा केस आए हैं और वहाँ कुल मिलाकर 32 केस दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में भी नए वैरिएंट के मामले सामने आए हैं।

केंद्र सरकार ने पहले ही राज्यों से निगरानी उपायों को बढ़ाने और संभावित हॉटस्पॉट की पहचान करने, कोरोना पॉजिटिव पाए गए केसों की जीनोम सिक्वेंसिंग पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है।

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जीनोम सिक्वेंसिंग पर एक सवाल के जवाब में डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'प्रत्येक नमूने का जीनोम अनुक्रमण संभव नहीं है। यह एक निगरानी और महामारी मूल्यांकन और ट्रैकिंग उपकरण है, न कि रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाला एक ​​​​उपाय। हम आश्वस्त कर सकते हैं कि पर्याप्त नमूने लिये जा रहे हैं।'

ओमिक्रॉन को लेकर आईसीएमआर के प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, 'यह गैर-जरूरी यात्रा, सामूहिक समारोहों से बचने का समय है और कम से कम उत्सव मनाना बेहद महत्वपूर्ण है।'

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बता दें कि दो दिन पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन बहुत तेज़ी से फैल रहा है और इस बात की संभावना है कि यह दुनिया के अधिकतर देशों में हो सकता है। एक अन्य शोध में पता चला है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट कोरोना के मूल और डेल्टा वैरिएंट की तुलना में लगभग 70 गुना तेजी से फैलता है। 
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