भारत-अमेरिका डील पर बड़ी उम्मीद बंधी है। इस पर मंगलवार को फिर से बात होगी। डोनाल्ड ट्रंप के बेहद क़रीबी और भरोसेमंद सहयोगी सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत बनने के बाद इसकी घोषणा की है। तो क्या भारत और अमेरिका संबंध का नया दौर शुरू होगा? कार्यभार संभालते ही सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका के लिए भारत से ज़्यादा अहम देश कोई नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मंगलवार को ही नया फ़ैसला लिए जाने का संकेत दिया है।

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर पिछले शुक्रवार देर रात भारत पहुंचे थे और सोमवार को अमेरिकी दूतावास में औपचारिक रूप से अपना काम शुरू किया। उन्होंने अपने पहले भाषण में भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने की अपनी मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध इस सदी का सबसे अहम वैश्विक साझेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'असली दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं'।
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व्यापार समझौते पर क्या बोला?

सर्जियो गोर ने बताया कि दोनों देशों के व्यापार विशेषज्ञ मंगलवार को फिर से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा, 'भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए व्यापार समझौते को पूरा करना आसान नहीं है। लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हालांकि ट्रेड हमारे रिश्तों के लिए बहुत ज़रूरी है, हम सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत ज़रूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।'

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने कुछ दिन पहले भारत पर व्यापार समझौते में देरी का आरोप लगाया था और कहा था कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को फोन करने में देरी कर दी। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के इस बयान से पैदा हुए तनाव के बीच गोर ने कहा है कि अमेरिका और भारत सिर्फ़ साझा हितों से नहीं, बल्कि उच्चतम स्तर पर मज़बूत रिश्तों से जुड़े हैं। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान का ज़िक्र किया कि यह साल आपसी व्यापार का साल होगा, जिसमें निष्पक्ष व्यापार, आपसी सम्मान और साझा सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा।

भारत को Pax Silica में शामिल होने का न्योता

सर्जियो गोर ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भारत को अगले महीने Pax Silica नामक अमेरिका के नेतृत्व वाले समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। यह Pax Silica एक रणनीतिक पहल है जिसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विकास और लॉजिस्टिक्स तक सुरक्षित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाना है। इस समूह में पिछले महीने जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और इसराइल जैसे देश शामिल हुए हैं। गोर ने कहा, 'मुझे खुशी है कि भारत को अगले महीने इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा।'
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'ट्रंप और मोदी की दोस्ती असली है'

गोर ने कहा कि अमेरिका के लिए कोई भी देश भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने बताया कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दुनिया भर में घूम चुके हैं और वे पुष्टि कर सकते हैं कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती असली है। उन्होंने याद किया कि वे पहली बार 2013 में भारत आए थे, जब उन्होंने जयपुर, रणथंभौर और पंजाब जैसे जगहों का दौरा किया था। जब ट्रंप ने उन्हें भारत भेजने के लिए कहा, तो वे बहुत खुश हुए।

गोर ने बताया कि पिछले हफ्ते उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की, जहां ट्रंप ने फरवरी 2020 में भारत दौरे और मोदी के साथ अपनी दोस्ती के बारे में बात की। उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रंप जल्द ही, शायद अगले एक-दो साल में भारत आएंगे।

सर्जियो गोर ने कहा कि वे इस अद्भुत देश के प्रति बेहद सम्मान के साथ आए हैं और उनका मिशन दोनों महान देशों के बीच साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत तेज कर रहे हैं और तकनीकी-सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

सर्जियो गोर की बात में कितना वजन?

सर्जियो गोर डोनाल्ड ट्रंप के बेहद क़रीबी और भरोसेमंद सहयोगी हैं। मीडिया और रिपोर्टों में उन्हें ट्रंप का क्लोज एड, ट्रस्टेड लॉयलिस्ट और ग्रेट फ्रेंड कहा जाता है। वे ट्रंप के साथ दुनिया भर में घूम चुके हैं और ट्रंप परिवार के साथ भी अच्छे संबंध रखते हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत बनाए गए सर्जियो गोर एक अमेरिकी व्यवसायी, राजनीतिक कार्यकर्ता रहे हैं। उनका असली नाम सर्जेई गोरोखोव्स्की है। वह 1986 में उज़्बेकिस्तान के ताशकंद में पैदा हुए थे। उनकी उम्र अभी लगभग 39 साल है। वे दुनिया के सबसे युवा अमेरिकी राजदूतों में से एक हैं जो भारत में नियुक्त हुए हैं।
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बचपन में सर्जियो का परिवार माल्टा चला गया और बाद में अमेरिका में बस गया। उन्होंने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल अफेयर्स में ग्रेजुएशन किया। उनकी राजनीति में शुरुआत कॉलेज के समय से हुई, जहां वे कॉलेज रिपब्लिकन्स और युवा कंजर्वेटिव ग्रुप्स में सक्रिय थे। उन्होंने कई रिपब्लिकन नेताओं के साथ काम किया। 2020 में ट्रंप के चुनाव अभियान में फंडरेजिंग के चीफ़ ऑफ स्टाफ़ बने। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ मिलकर पब्लिशिंग कंपनी शुरू की, जिसने ट्रंप की किताबें पब्लिश कीं।

ट्रंप ने 2024 में सर्जियो को व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस का डायरेक्टर बनाया, जहां उन्होंने हजारों सरकारी पदों पर नियुक्तियां कीं। अगस्त 2025 में ट्रंप ने उन्हें भारत में अमेरिकी राजदूत और साउथ एंड सेंट्रल एशिया के विशेष दूत के रूप में नामित किया।