केरलम में चुनावी सभा में जब प्रधानमंत्री मोदी एनर्जी में आत्मनिर्भरता पर दहाड़ रहे थे तब यूपी के गोरखपुर में सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लगने का वीडियो सामने आया। ऐसी ही हालत पूरे देश भर में हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो आए हैं जिनमें लोग एलपीजी गैस के लिए लाइनों में खड़े दिखते हैं। देश के कई होटल एसोसिएशनों ने गैस की कमी के कारण रेस्तराँ बंद किए जाने की घोषणा कर दी है। दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन ने भी गैस की कमी से कैंटीन में खाना बंद करने की घोषणा की है। इस बीच, एलपीजी की किल्लत को लेकर कांग्रेस ने फिर से मोदी सरकार पर यह कहते हुए हमला किया कि "मोदी की 'लाइन लगाओ योजना' फिर एक बार पूरे देश में लागू"।
जब ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर आ रही हैं और एलपीजी गैस की कमी की ख़बरें देश भर से आ रही हैं तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के एर्नाकुलम में चुनावी सभा में एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'खाड़ी में चल रहे युद्ध ने हमें फिर से आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाया है। कोविड संकट, यूक्रेन संकट और अब ये मौजूदा संकट ने साबित कर दिया कि खुद पर निर्भर होना कितना ज़रूरी है।'

एलपीजी की कमी का संकट

पिछले कुछ दिनों से देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई रुक-रुक कर हो रही है। वजह है पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष। ईरान और अमेरिका के बीच के इस युद्ध की वजह से हॉर्मुज स्ट्रेट से गैस शिपमेंट रुक गया है। नतीजा ये कि भारत में गैस की कमी हो गई। लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं। घरेलू सिलेंडर के लिए 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कमर्शियल सिलेंडर की हालत और भी खराब है। यूपी के अयोध्या में अमावा मंदिर मैनेजमेंट ने एक नोटिस लगाया है कि 'देश में कुकिंग गैस की कमी' और 'इमरजेंसी सिचुएशन के कारण आज की राम रसोई पोस्टपोन की जाती है।'
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दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन में भी असर

दिल्ली हाई कोर्ट की वकीलों की कैंटीन ने बुधवार को एक नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया, 'एलपीजी सिलेंडर की अनुपलब्धता की वजह से हम मेन कोर्स आइटम नहीं बना पा रहे हैं। हमें नहीं पता कि गैस सप्लाई कब बहाल होगी। जैसे ही गैस मिलेगी, हम फिर से शुरू करेंगे।' यह नोटिस लाइव लॉ ने शेयर किया है। इससे साफ़ है कि संकट कितना गहरा है। अदालत की कैंटीन तक प्रभावित हो गई है।

होटल और रेस्तराँ बंद होने की कगार पर

बेंगलुरु और चेन्नई जैसे देश के कई शहरों में होटल एसोसिएशन ने रेस्तराँ बंद करने की घोषणा कर दी है। वजह वही- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी। छोटे-छोटे ढाबे और ईटरी बंद हो रहे हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी भी शुरू हो गई है। लोग ज्यादा पैसे देकर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। 

सरकार ने कहा है कि स्टॉक पर्याप्त है और पैनिक करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं।

सरकार का कदम- राशनिंग शुरू

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को नैचुरल गैस की सप्लाई को राशन करने का आदेश दिया। प्राथमिकता घरेलू पाइप्ड गैस, सीएनजी वाहनों और एलपीजी उत्पादन करने वाली इकाइयों को दी गई है। मंत्रालय ने कहा, 'मिडिल ईस्ट संकट की वजह से लिक्विफाइड नैचुरल गैस की शिपमेंट रुकी है। इसलिए समान वितरण के लिए ये नियम ज़रूरी हैं।' सोमवार रात को नैचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर 2026 जारी किया गया, जो एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 के तहत है। सरकार ने एलपीजी उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।

कांग्रेस का हमला

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'मोदी सरकार की झूठी गारंटी फिर बेनकाब हो गई। सरकार को पश्चिम एशिया युद्ध की आहट पहले से थी, लेकिन एनर्जी सप्लाई सुरक्षित करने के लिए कुछ नहीं किया। अब आम आदमी परेशान है।' उन्होंने कई सेक्टरों पर असर गिनाया-
  • किसान सबसे पहले प्रभावित – ईंधन की कमी से खेती और उर्वरक सप्लाई रुक गई।
  • एलपीजी सिलेंडर की राशनिंग शुरू, घरेलू के लिए 25 दिन का इंतजार।
  • रेस्तराँ बंद, जमाखोरी बढ़ी।
  • 60000 टन बासमती निर्यात रुका, गेहूं निर्यात प्रभावित।
  • दवाओं के दाम 30% बढ़ सकते हैं।
  • टेक्सटाइल, एविएशन, स्टील, सिरेमिक्स, ग्लास, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर दबाव। हर चीज महंगी हो रही है।

कांग्रेस ने मोदी सरकार की बड़ी गलतियाँ गिनाईं

  • नोटबंदी– कहा गया 50 दिन में सब ठीक, लेकिन लाइनें लगी रहीं।
  • कोविड – कहा गया गंभीर नहीं, लेकिन गंगा में लाशें तैरती दिखीं।
  • अब ये संकट – कहा गया 74 दिन का स्टॉक है, लेकिन हालात खराब।
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कांग्रेस की प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा, 'नरेंद्र मोदी के समय में पहले नोटबंदी से लाइनें लगीं, कोविड में ऑक्सीजन और श्मशान के लिए लाइनें, अब एलपीजी के लिए। तेल कहां से आएगा, ये अमेरिका तय कर रहा है। मोदी अमेरिका के दबाव में सरेंडर कर चुके हैं, क्योंकि वह एपस्टीन फाइल से ब्लैकमेल हो रहे हैं।'

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी पर भी निशाना

कांग्रेस ने कहा, '9 फरवरी को हरदीप पुरी ने कहा था कि एलपीजी की कोई कमी नहीं, स्टॉक भरे हैं। लेकिन अब पूरे देश में किल्लत है। हम उनसे मिलने गए, लेकिन मिले नहीं। हमने आवाज उठाई तो हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई।'

यह संकट कब ख़त्म होगा?

सरकार कह रही है कि स्टॉक पर्याप्त है और जल्दी हालात सुधरेंगे। लेकिन जमीन पर लोग परेशान हैं। किसान, छोटे व्यापारी, होटल वाले सब प्रभावित हैं। निर्यात रुकने से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट संकट अगर लंबा चला तो महंगाई बढ़ेगी।