मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (पीएमएलए) के नियमों में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने इसके जांच का दायरा बढ़ा दिया है और कुछ नए टर्म भी शामिल किए हैं। अब इसके तहत जजों, सेना के अधिकारियों के लेन-देन की जांच भी की जा सकेगी। सरकार ने राजनीतिक रूप से उजागर (Politically Exposed Persons- PEP) लोगों का नया टर्म बनाया है। उन्हें भी इसके दायरे में लाया गया है। देश में ईडी ही मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच करती है। इस तरह ईडी को अब नए नियमों के तहत ज्यादा ताकत मिल गई है।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दायरे में अब जज, सेना अधिकारी भी, नई श्रेणी PEP बनी
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- 29 Mar, 2025
सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दायरे में जजों और सैन्यकर्मियों को भी शामिल किया है। यानी केंद्रीय जांच एजेंसियां किसी भी जज या सेना के अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर सकती हैं। आरोप बेशक सही न हों लेकिन मीडिया ट्रायल के जमाने में जज और सैन्य अधिकारी मात्र जांच शुरू होने के नाम पर ही सहम जाएंगे या सहमे रहेंगे। नए नियमों को लेकर विशेषज्ञों ने भी चिन्ता जताई है। उनका कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी को इसके जरिए ज्यादा ताकत दे दी गई है।
