मोदी सरकार के ख़िलाफ़ नीट पेपर लीक के बाद अब E20 यानी पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण के ख़िलाफ़ शनिवार को दो मोर्चों पर बड़ा प्रदर्शन हो रहा है। एक तरफ़ E20 पेट्रोल के खिलाफ केजरीवाल राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ़ सोशल एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला मौन मार्च और भूख हड़ताल कर रहे हैं।

तहसीन पूनावाला गांधी स्मृति तक मौन मार्च निकालेंगे और इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठेंगे। लेकिन पूनावाला के अनुसार उनको पुलिस ने इसके लिए इजाजत नहीं दी है। उन्होंने शुक्रवार देर रात कहा है, "दिल्ली पुलिस की ओर से कई फ़ोन कॉल आ रहे हैं! मुझे APJ अब्दुल कलाम मार्ग पर जाने नहीं दिया जा रहा है। यह मेरे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है! मैं APJ अब्दुल कलाम मार्ग से तीस जनवरी मार्ग तक अपने मौन व्रत और भूख हड़ताल की यात्रा शुरू करूँगा। पुलिस मुझे गिरफ़्तार करने के लिए आज़ाद है!"
हाल के दिनों में E20 पेट्रोल को लेकर देशभर में बहस तेज हुई है। कई वाहन मालिकों और कुछ संगठनों का आरोप है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है, इंजन के प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। लेकिन अब सरकार ने माइलेज के कुछ कम होने की बात स्वीकार की है।

आज होगा 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20'

अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर लिखा कि इस कार्यक्रम में देश की एक जानी-मानी हस्ती भी शामिल होगी, जो लोगों की समस्याएं सुनेगी और E20 के मुद्दे पर अपनी राय रखेगी। हालांकि उन्होंने उस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
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केजरीवाल ने लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच सकते हैं, जबकि दूसरे राज्यों के लोग ऑनलाइन भी इसमें भाग ले सकेंगे।

ऑनलाइन भी जुड़ सकेंगे लोग

आम आदमी पार्टी ने बताया कि जो लोग कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल होना चाहते हैं, वे पार्टी द्वारा जारी व्हाट्सऐप नंबर पर संदेश भेज सकते हैं। इसके बाद उन्हें कार्यक्रम से जुड़ने का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। पार्टी का दावा है कि हजारों लोग इस अभियान से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़ सकते हैं।
27 जुलाई को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि देश के युवाओं ने हाल के छात्र आंदोलन के जरिए सरकार को झुकने पर मजबूर किया और अब E20 पेट्रोल के मुद्दे पर भी सरकार को लोगों की परेशानियां सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई वाहन मालिक शिकायत कर रहे हैं कि E20 पेट्रोल से उनकी गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है और इंजन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि इस मुद्दे को बड़ा विवाद बनने से पहले समाधान निकाला जाए।

तहसीन पूनावाला की भूख हड़ताल

E20 नीति के खिलाफ सबसे पहले सड़क पर उतरने वाले सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला भी शनिवार को अपना आंदोलन तेज कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वे अकेले गांधी स्मृति तक पैदल मार्च करेंगे। वहां वे मौन प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
इससे पहले उनकी संस्था टीम भारत ने संसद मार्ग के पास मार्च निकालने की योजना बनाई थी। हालांकि केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात के बाद संगठन ने फिलहाल सामूहिक मार्च स्थगित कर दिया था और सरकार को मांगों पर विचार करने के लिए समय दिया था।

E20 पेट्रोल को लेकर क्या है विवाद?

केंद्र सरकार का एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता। सरकार ने यह जरूर स्वीकार किया है कि कुछ परिस्थितियों में माइलेज में हल्की कमी आ सकती है।
दूसरी ओर कई वाहन मालिक, टैक्सी यूनियन और कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज कम हो रही है, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इसके अलावा पुराने वाहनों में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।

कई संगठन भी विरोध में

E20 नीति के खिलाफ केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि कई अन्य संगठन भी आवाज उठा रहे हैं। इनमें तहसीन पूनावाला की 'टीम भारत' दिल्ली टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन जैसे संगठन भी शामिल हैं। इन संगठनों की मांग है कि E20 नीति को लागू करने से पहले व्यापक तकनीकी समीक्षा कराई जाए और वाहन मालिकों की शिकायतों की स्वतंत्र जांच हो।

सरकार का क्या कहना है?

केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि E20 कार्यक्रम वैज्ञानिक परीक्षणों और चरणबद्ध योजना के आधार पर लागू किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, तेल आयात पर खर्च घटेगा और किसानों को एथेनॉल उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय मिलेगी।
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हालांकि बढ़ते विरोध के बीच अब यह मुद्दा राजनीतिक रूप भी लेता दिखाई दे रहा है। जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के बाद विपक्ष E20 पेट्रोल के मुद्दे को भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहा है। छात्र आंदोलन में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह सरकार और विपक्ष के बीच एक नया राजनीतिक विवाद बन सकता है।