लोकसभा शुक्रवार को बहुत संक्षिप्त चली। विपक्षी सांसद तमाम मुद्दे उठाने को तैयार थे। लेकिन दोनों तरफ से नारेबाज़ी के बीच सीमित कार्यवाही पूरी होने के बाद लोकसभा को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर पीएम मोदी और उनकी सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला। उन्होंने मोदी सरकार के तमाम झूठ गिनाए। इस बीच निलंबित सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने भारत-अमेरिका ट्रेड की पूरी जानकारी न देने और इसे किसानों के विरोध में होने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया।
पीएम मोदी ने गुरुवार 5 फरवरी को राज्यभा में अपना बजट भाषण दिया था। हालांकि वो लोकसभा में बजट भाषण देना चाहते थे लेकिन नेता विपक्ष राहुल गांधी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया। मोदी ने राज्यसभा में निशाने पर कांग्रेस पार्टी और गांधी-नेहरू परिवार को रखा। उन्होंने कांग्रेस पर हर तरह के आरोप लगाते हुए भारत की सारी समस्याओं के लिए कांग्रेस और जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहरा दिया। खड़गे ने शुक्रवार को अपने वीडियो बयान में इसी को टारगेट किया है।

खड़गे ने क्या हमला बोला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री के भाषण पर रिएक्ट करने की जरूरत नहीं है, फिर भी जितनी घटिया बातें उन्होंने बोली हैं, मैं रिप्लाई जरूर देना चाहूंगा। झूठी बातों को दोहराना नरेंद्र मोदी का काम रहा है। अपने 97 मिनट के भाषण में उन्होंने कोई भी महत्वपूर्ण और जरूरी बात नहीं की। वहीं, जब हमने राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर अपने वक्तव्य रखे, तब भी प्रधानमंत्री ने किसी बात का जवाब नहीं दिया। वे सिर्फ 100 साल.. 75 साल.. 50 साल की बात करते रहे।


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नरवणे की किताब का मुद्दा

खड़गे ने कहा- जब नरवणे जी की किताब हमें मिल गई, तो सत्ता में बैठे लोगों को कैसे नहीं मिली। वे संसद में कह रहे हैं कि किताब अभी पब्लिश ही नहीं हुई है। अमित शाह हो या राजनाथ सिंह... सभी ने बार-बार किताब न होने की बात की, लेकिन असलियत में किताब मौजूद है। जब नरवणे जी की किताब के बारे में राहुल गांधी जी ने संसद में बोला, तो पूरे सत्ता पक्ष को जाने क्यों बुरा लगा। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि पहले सच सुनिए फिर रिप्लाई कीजिए।
उन्होंने कहा- सच्चाई यही है कि नरेंद्र मोदी के पास हमारे पूछे गए सवालों का जवाब देने की शक्ति ही नहीं है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने सिखों का अपमान किया। मतलब सदन के बाहर दो लोगों की बातचीत हुई, उसे सिखों का अपमान कह दिया गया। कांग्रेस पार्टी सिखों का बहुत आदर करती है, कांग्रेस सरकार में डॉ. मनमोहन सिंह जी वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन नरेंद्र मोदी न सिखों का आदर करते हैं, न दलितों का और न ही आदिवासियों का। 


नरेंद्र मोदी के दिमाग में सिर्फ एक ही बात होती है कि दूसरों को कैसे नीचा दिखाया जाए।
-मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस अध्यक्ष 6 फरवरी 2026
पीएम मोदी के राज्यसभा में दिए गए भाषण पर कांग्रेस का हमला
खड़गे ने कहा कि आधुनिक भारत के फाउंडर जवाहरलाल नेहरू जी ने पब्लिक सेक्टर बनाए हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी उन्हें दीवाला निकालने का कारखाना कहते हैं। जब देश में एक घड़ी नहीं बनती थी, तब पब्लिक सेक्टर ही काम आए थे, लेकिन पब्लिक सेक्टर को बचाने की बजाय नरेंद्र मोदी ने पब्लिक सेक्टर को खत्म करने का काम किया। नरेंद्र मोदी के पास कोई विचारधारा नहीं है। देश के मार्गदर्शन का कोई विचार नहीं है। हम नरेंद्र मोदी के विचारों के खिलाफ हैं, लेकिन जब भी उनके विचारों की बात की जाती है, तो मोदी उसे व्यक्तिगत तौर पर अपने ऊपर ले लेते हैं।


खड़गे ने कहा- नरेंद्र मोदी ने खुद पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का अपमान किया था, उनके बारे में कहा था- 'वे रेनकोट पहनकर नहाते हैं'। दरअसल सिखों का अपमान तो नरेंद्र मोदी ने किया है- मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।

खड़गे ने बताया मोदी सदन में क्यों नहीं बैठते

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- ये बातें दिखाती हैं कि नरेंद्र मोदी का मनोबल टूट चुका है, उनकी रौनक कम हो गई है। प्रधानमंत्री की पद पर बैठा इंसान अगर लोकतंत्र और देश के लिए अपशब्द कहे, तो ये अच्छी बात नहीं है। नरेंद्र मोदी को डर है कि राहुल जी क्या सवाल पूछेंगे, क्या बोलेंगे, क्या तथ्य रखेंगे, इसलिए मोदी जी सदन में बैठते ही नहीं हैं। लोकसभा स्पीकर ने कहा- उन्हें इंटेलिजेंस मिली, इसलिए उन्होंने मोदी जी को लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर जवाब देने से मना कर दिया। अगर आपकी इंटेलिजेंस इतनी अच्छी है, तो पुलवामा जैसे आतंकी हमलों में आपकी इंटेंलिजेंस कहां थी। देशभर में लोगों की लिंचिंग हो रही है, आदिवासियों-दलितों पर हमले हो रहे हैं। तब कहां रहती है ये इंटेलिजेंस। पूर्व सेना अध्यक्ष की किताब से जिन तथ्यों पर हम बात करना चाहते हैं, सरकार उस पर जवाब दे और कहे कि हमने ऐसा नहीं किया है। पांच-पांच दिन संसद न चलाना लोकतंत्र का फेल्योर है।

मोदी हमारे किसानों को और गरीब बना रहेः खड़गे

खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से सदन चलाना ही नहीं चाहती। सच्चाई तो ये है कि पिछले कुछ दिनों से नरेंद्र मोदी परेशान हैं, क्योंकि एपस्टीन फाइल में मोदी से जुड़ी बातें सामने आ गई हैं। जिसके बाद नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए और ट्रेड डील कर दी। देश के किसानों को बलि चढ़ा दिया। मोदी हमारे लोगों को गरीब बना रहे हैं और अमेरिका के किसानों को अमीर बना रहे हैं। 
अमेरिका की कृषि मंत्री इस डील से बहुत खुश हैं। उन्होंने खुद कहा है कि इस डील से हमारे पास खूब पैसा आएगा और अमेरिका की रूरल इकॉमनी डेवलप हो जाएगी। मोदी सरकार दलितों के बारे में बहुत बात करती है। मैं जब 2014 में कांग्रेस की तरफ से फ्लोर लीडर बना था, तब मेरे पास लीडर ऑफ अपोजिशन बनने के लिए कुछ चीजें कम थी। BJP सरकार चाहती तो अपना Discretionary power इस्तेमाल कर मुझे फ्लोर लीडर से LoP बना सकती थी, लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया। दलितों का अपमान तो ये लोग करते हैं।
नरेंद्र मोदी सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाते हैं, इसलिए मैं इनके भाषण की निंदा करता हूं।
-मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस अध्यक्ष 6 फरवरी 2026
पीएम मोदी के राज्यसभा में दिए गए भाषण पर कांग्रेस अटैक

विपक्ष के निलंबित सांसदों का प्रदर्शन

बजट सत्र के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा से निलंबित किए गए विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद के गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एक बड़ा पोस्टर लहराया, जिसमें प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को "ट्रैप डील" करार दिया गया।


यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब बजट सत्र शुरू होने के बाद से ही लगातार हंगामा और स्थगन जारी है। वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश करने के बाद सदन में कई बार कार्यवाही स्थगित हो चुकी है।

संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया

लोकसभा से निलंबित आठ सांसदों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सात सांसद शामिल हैं- मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पाडोले और किरण कुमार रेड्डी। वहीं, सीपीएम के एक सांसद एस. वेंकटेशन भी निलंबित हैं। इन सभी सांसदों को बजट सत्र (जो 2 अप्रैल तक चलने वाला है) के शेष भाग के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन का कारण सदन में "अनुशासनहीन व्यवहार" बताया गया है।

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर तीखा विरोध जताया। उनका आरोप है कि यह डील भारत के लिए एक "जाल" साबित हो सकती है, जिसमें भारतीय किसानों, एमएसएमई और घरेलू उद्योगों के हितों को खतरा है। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान के बाद और तेज हुआ, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे "कॉम्प्रोमाइज्ड" हैं और देश को "बेच" दिया है।

सदन के अंदर और बाहर विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को इस व्यापार समझौते पर पारदर्शी चर्चा करनी चाहिए और किसानों व छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।यह घटना बजट सत्र में बढ़ते राजनीतिक गतिरोध को और उजागर करती है, जहां विपक्ष निलंबन के खिलाफ और विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। प्रदर्शन की तस्वीरें एएनआई के माध्यम से सामने आई हैं, जिसमें सांसद पोस्टर के साथ दिखाई दे रहे हैं।