भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने के लिए नोटिस दाखिल किया है, हालांकि उनके खिलाफ कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा। यह कार्रवाई कांग्रेस सांसद के उस भाषण के एक दिन बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्रीय बजट पर हमला किया था।
बुधवार को अपने भाषण में गांधी ने भू-राजनीतिक संघर्ष, एआई डेटा और अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार की धज्जियां उड़ाई थीं। उनका यह भाषण पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र करने के बाद उन्हें बोलने न देने के विरोध में विपक्ष द्वारा कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच आया था।
यह हैरान करने वाली बात है कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को संसद में और संसद के बाहर कहा था कि बीजेपी राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी। लेकिन गुरुवार को बीजेपी ने सिर्फ लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की। समझा जाता है कि विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखे जाने पर बीजेपी को अपने सहयोगी दलों से समर्थन की उम्मीद नहीं थी। दूसरा यह कि इस पर संसद में बहस के दौरान सारा ध्यान राहुल गांधी पर जाता। सरकार नहीं चाहती कि राहुल गांधी पर बहस केंद्रित हो।
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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं है, लेकिन उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक ठोस प्रस्ताव पेश किया है। पीटीआई के अनुसार, दुबे ने कहा, “कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं है। 
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मैंने एक ठोस प्रस्ताव पेश किया है जिसमें मैंने उल्लेख किया है कि वे कथित तौर पर सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, यूएसएआईडी से जुड़े हुए हैं और थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और अमेरिका जैसे स्थानों की यात्रा करते हैं, और भारत विरोधी ताकतों से जुड़े हुए हैं। मैंने मांग की है कि उनकी सदस्यता रद्द की जाए और उन्हें जीवन भर के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए।”

अपने खिलाफ लाए जा रहे विशेषाधिकार प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "क्या उन्होंने आपको कुछ कीवर्ड दिया है?" राहुल के कहने का आशय ये है कि बीजेपी किस मुद्दे पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएगी। अगर वो एपस्टीन फाइल्स में लिए गए नाम पर लेते हैं तो उस बहस होगी। न चाहते हुए भी हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम आएंगे। इसी तरह अगर ट्रेड डील की वजह से विशेषाधिकार प्रस्ताव आता है तो इस पर भी बहस होगी और सरकार को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा।

वेणुगोपाल की बीजेपी को चुनौती

राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की भाजपा की योजना पर वेणुगोपाल ने कहा, “मैं भाजपा को राहुल गांधी के भाषण का जवाब देने की चुनौती देता हूं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कल अपने भाषण में सबसे अहम मुद्दे उठाए। निर्मला सीतारमण ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। सदन स्थगित होने के बाद किरण रिजिजू ने एक वीडियो ट्वीट किया। उन्हें संसद का वीडियो कैसे मिला? संसदीय कार्य मंत्री अब असंसदीय हो गए हैं। उनका कर्तव्य संसद के सुचारू संचालन के लिए विपक्ष के साथ समन्वय करना है, लेकिन यहां संसदीय कार्य मंत्री खुद ही यह सब कर रहे हैं।”

संसद परिसर में फिर प्रदर्शन

विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को भी संसद के मकर द्वार पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तख्तियां लेकर इसे "धोखाधड़ी वाला समझौता" बताया। सांसदों ने केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों के विरोध में ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की।

किरण रिजिजू ने स्पीकर के खिलाफ कांग्रेस सांसदों के बर्ताव को दोहराया

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने गुरुवार को आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष और सरकार के बीच हालिया टकराव के दौरान कांग्रेस सांसदों का एक समूह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के कक्ष में घुस गया और उन्हें अपशब्द कहे तथा प्रधानमंत्री को धमकी दी।
रिजिजू ने घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसे उन्होंने अवैध रूप से रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया। इससे संसद में जारी व्यवधानों और बाहर चल रही जुबानी जंग के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

रिजिजू ने एक्स पर लिखा है- "यह कांग्रेस सांसद द्वारा बनाया गया अवैध वीडियो क्लिप है, जिसमें 20-25 कांग्रेस सांसद माननीय अध्यक्ष के कक्ष में घुस गए, उन्हें अपशब्द कहे और माननीय प्रधानमंत्री को धमकी दी। हमारी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास करती है और सांसदों को शारीरिक रूप से धमकी देने के लिए कभी प्रोत्साहित नहीं करती।"