पीएम मोदी ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए बयान दिया तो बुधवार को पूरी सरकार इस अभियान को कामयाब बनाने के लिए जुट गई। तमाम बीजेपी नेता, मंत्री और जज भी इसके समर्थन में साइकल पर चलते हुए, काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का फोटो और वीडियो डाल रहे हैं। बीजेपी ने एक्स पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  का वीडियो जारी कर दिया। न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने सुबह सबसे पहले सूत्रों के हवाले से पीएम मोदी के काफिले की गाड़ियां कम करने की खबर चलाई। उसके बाद अभियान जोर पकड़ गया।
एएनआई के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिजूलखर्ची (austerity) रोकने की अपील को अमल में लाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को अपने आधिकारिक काफिले को आधे से भी कम कर दिया। ANI द्वारा कैद की गई तस्वीरों में देखा गया कि गृह मंत्री शाह के काफिले की गाड़ियों की संख्या पहले के लगभग एक दर्जन से घटकर आधी से भी कम हो गई है। हालांकि, सीआरपीएफ की 'Z+' सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जरूरी सभी वाहन मौजूद रहे। शाह अपने दिल्ली निवास से कैबिनेट बैठक में जा रहे थे, तब यह कम आकार वाला काफिला देखा गया।
अमित शाह के काफिले को लेकर सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) में कोई ढील नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की अपील का प्रत्यक्ष नतीजा है, जिसमें सरकारी खर्च कम करने, अनावश्यक प्रदर्शन से बचने और सादगी अपनाने पर जोर दिया गया है।
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एमपी और बिहार से बुधवार को दो खबरें जजों की प्रकट हुईं। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो तो एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस द्वारकाधीश बंसल का है जो साइकल चलाते हुए हाईकोर्ट पहुंचे। इस रिपोर्ट के प्रमुख फोटो में आप जस्टिस बंसल को हाईकोर्ट बिल्डिंग के गेट नंबर 1 से अंदर जाते हुए देख रहे होंगे। वीडियो भी देखिए-
बिहार के जज भी पीछे नहीं
बिहार के औरंगाबाद में मुख्य जिला जज राजीव रंजन कुमार बुधवार सुबह साइकिल से अदालत पहुंचे। वीडियो नीचे।

प्रधानमंत्री मोदी ने वाहनों की संख्या आधी की

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत कम करने का आदेश दिया है, साथ ही SPG को नए खरीद के बिना अधिक इलेक्ट्रिक वाहन शामिल करने को कहा है। हालांकि मोदी ने फिजूलखर्ची बंद करने की अपील 10 मई को की थी। लेकिन वो अगले ही दिन गुजरात में 100 से ज्यादा काफिलों के साथ पहुंचे थे। इसका वीडियो उसी दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
बीजेपी नेताओं और अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य मंत्री भी इस दिशा में कदम उठा सकते हैं। क्योंकि अधिकांश राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं और वहां के स्थानीय बीजेपी नेता, मंत्री, विधायक, सांसद लंबे काफिलों के साथ अपना रुतबा दिखाने के लिए वाहनों के लंबे काफिलों के साथ चलते हैं। 

विपक्ष का जोरदार हमला, कहा- चुनाव में कहां थे

प्रधानमंत्री मोदी की फिजूलखर्ची रोकने की अपील पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे "नाकामी के सबूत" बताया और कहा कि 12 साल में देश को इस हालत में ला दिया गया है कि जनता को क्या खरीदना है, क्या नहीं, क्या यात्रा करनी है- यह बताना पड़ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे "मोदी सरकार की नीतिगत विफलता" करार दिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इसे नाकामी की स्वीकारोक्ति बताया।

शरद पवार ने कहा- सभी दलों की बैठक बुलाई जाए

एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की और कहा कि मिडिल ईस्ट की अस्थिर स्थिति के बीच ये अपील अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डाल सकती है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने पूछा कि चुनावी रैलियों, हेलीकॉप्टर यात्राओं और भव्य प्रदर्शनों पर खर्च को लेकर भी इतना संयम क्यों नहीं बरता गया।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद अचानक यह अपील की गई है और सरकार संकट की जिम्मेदारी जनता पर डाल रही है।

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ओवैसी ने कहा- चुनाव में यह सब क्यों नहीं याद आया

प्रधानमंत्री के आह्वान की आलोचना करते हुए, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा कि नरेंद्र मोदी और भाजपा ने हालिया राज्य चुनावों के दौरान विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर जोर क्यों नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन उपायों का आह्वान करने का एक उद्देश्य डॉलर बचाना है ताकि सरकार अमेरिका से तेल खरीदने के लिए "ट्रम्प को पैसे दे सके"। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, "सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री चुनावों के दौरान लोगों को यह बताए बिना वोट मांग रहे थे कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन की कीमतें बढ़ने वाली हैं? और अब वे इसे देशभक्ति के रूप में पेश कर रहे हैं, यह कहते हुए कि सच्चा देशभक्त वही है जो इन सभी कठिनाइयों को सहन करता है।" हैदराबाद के सांसद के अनुसार, देश के लोगों को पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का "बिल" मिलेगा। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि क्या भाजपा हालिया राज्य चुनावों के दौरान इन मुद्दों से अनभिज्ञ थी?