नेता विपक्ष राहुल गांधी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपति गौतम अडानी को रिश्वत मामले से रिहा कराने के लिए सौदेबाजी की। अडानी पर अमेरिका में कथित रिश्वत का मामला जस्टिस डिपार्टमेंट ने दर्ज किया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं, बल्कि गौतम अडानी की "रिहाई" के लिए सौदा किया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा, "कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम ने ट्रेड डील नहीं की, बल्कि अडानी की रिहाई का सौदा किया।" यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें अमेरिकी सरकार ने अडानी ग्रुप के खिलाफ दायर मुकदमे को सुलझाने पर सहमति जताई है।
मामला क्या है?
अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने 2024 के अंत में दायर मुकदमे में गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर आरोप लगाया था। आरोप था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को लगभग 26.5 करोड़ डॉलर (लगभग 265 मिलियन USD) की रिश्वत देने की योजना बनाई, ताकि भारत में बड़े सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल किए जा सकें। इन प्रोजेक्ट्स से 20 वर्षों में 2 अरब डॉलर का मुनाफा होने की उम्मीद थी।
मुकदमे में यह भी आरोप था कि अडानी ग्रुप ने अपनी एंटी-ब्राइबरी पॉलिसी के बारे में गलत और भ्रामक बयान देकर अमेरिकी कंपनियों समेत 2 अरब डॉलर के लोन और बॉन्ड जुटाए। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है।
जयराम रमेश का बयान
कांग्रेस महासचिव ने अडानी मुद्दे पर हमला बोलते हुए कहा- “और यह भी स्पष्ट है कि उन्होंने 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया, राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों पर कार्रवाई करते हुए, न कि देश के राष्ट्रीय हितों वजह से। खबरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन मोदानी के खिलाफ भ्रष्टाचार के सभी आरोप वापस लेने वाला है।” उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री इससे ज़्यादा और कितने भ्रष्ट हो सकते हैं?”
आरजेडी सांसद मनोज झा का बयान
उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ आरजेडी सांसद मनोज झा ने एक्स पर कहा, "मैंने यह सुना है, और चाहे इसे लेन-देन कहें या कुछ और, अब यह स्पष्ट हो गया है कि हम व्यापार समझौते पर स्पष्टता की मांग क्यों कर रहे थे। हमने कहा था कि यह अनुचित है, इसमें संतुलन की कमी है और भारत के हितों की अनदेखी की गई है। दूसरे पक्ष को भी देखने पर, मुझे अब पर्दे के पीछे की सच्चाई का स्पष्ट अंदाजा हो गया है।"
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की खबरें आ रही हैं। राहुल गांधी पहले भी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बता चुके हैं। अडानी ग्रुप ने SEC के आरोपों का पहले ही खंडन किया था, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार की "कमजोरी" और "सांठ-गांठ" से जोड़कर पेश किया है।
अडानी यूएस केस के प्रमुख घटनाक्रम
- नवंबर 2024 में अमेरिकी Securities and Exchange Commission (SEC) ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ सिविल कंप्लेंट दायर की। साथ ही US Department of Justice (DOJ) ने क्रिमिनल इंडिक्टमेंट जारी किया। मुख्य आरोप (SEC Complaint के अनुसार):अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green) और Azure Power Global के अधिकारियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को $250 मिलियन से $265 मिलियन (लगभग ₹2,100-2,200 करोड़) की रिश्वत देने या देने का वादा किया।
- मकसद: भारत सरकार से सोलर एनर्जी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना, जिसमें ऊपर-बाजार दर (above-market rates) पर बिजली खरीद की गारंटी शामिल थी।
इन प्रोजेक्ट्स से 20 वर्षों में $2 बिलियन (लगभग ₹16,600 करोड़) से अधिक का मुनाफा होने की उम्मीद थी।
रिश्वतखोरी का सिलसिला 2020 से 2024 तक चला।
निवेशकों को गुमराह करने का आरोप
- सितंबर 2021 में Adani Green ने $750 मिलियन का बॉन्ड इश्यू किया, जिसमें $175 मिलियन अमेरिकी निवेशकों से आए।
- ऑफर डॉक्यूमेंट्स में कंपनी ने अपनी Anti-Bribery and Anti-Corruption Policy को मजबूत बताया और दावा किया कि सीनियर मैनेजमेंट रिश्वत नहीं देता/देगा।
- SEC के अनुसार ये बयान मटेरियली फॉल्स और मिसलीडिंग थे, क्योंकि उसी समय ब्राइबरी स्कीम चल रही थी।
- Adani Group ने अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और US निवेशकों से $3 बिलियन से अधिक की फंडिंग हासिल की, जिसमें गलत बयान देने का आरोप है।
अडानी केस में कानूनी उल्लंघन
- यूएस में दर्ज केस के मुताबिक Securities Act Section 17(a) Exchange Act Section 10(b) और Rule 10b-5
Anti-Bribery प्रावधानों का उल्लंघन (FCPA से संबंधित)
- अन्य शामिल पक्षः Azure Power Global के executives (जैसे Cyril Cabanes) भी शामिल। कुछ कनाडाई इन्वेस्टर executives पर जांच में बाधा डालने (evidence delete करने) के आरोप
- कुल 8 लोगों पर DOJ क्रिमिनल चार्जेस।
2026 में केस का ताजा अपडेट
- मई 2026: SEC के साथ सिविल केस सेटल हो गया। गौतम अडानी ने $6 मिलियन और सागर अडानी ने $12 मिलियन का सिविल पेनाल्टी भरने पर सहमति जताई (बिना गलती स्वीकार किए)।
- DOJ क्रिमिनल चार्जेस ड्रॉप होने की संभावना बढ़ गई है।
- Adani Group ने हमेशा सभी आरोपों को "बेबुनियाद" बताया। कहा- कंपनी पर सीधे कोई आरोप नहीं।