बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में Rahul Gandhi Foreign Tours पर 60 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि उनकी Income इतनी नहीं है। कांग्रेस ने इसका जवाब पीएम मोदी की विदेश यात्राओं के खर्च का पोस्टर जारी कर दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले 22 वर्षों में 54 विदेशी दौरों पर कुल 60 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने राहुल गांधी की चुनावी हलफनामों में बताई गई आय और संपत्ति का हवाला देते हुए सवाल उठाया। इसके जवाब में कांग्रेस ने भी पीएम मोदी की पिछले 12 वर्षों में की गई विदेश यात्राओं और उस पर हुए 815.42 करोड़ के ब्यौरे का पोस्टर जारी किया है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार देश की डूबती आर्थिक स्थिति से ध्यान बंटाने के लिए ऐसी चीजों की आड़ ले रही है।
पात्रा के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में राहुल गांधी की वार्षिक आय लगभग 11 करोड़ रुपये रही, जबकि 2004 में उनकी कुल संपत्ति 55.38 लाख रुपये थी जो 2024 में बढ़कर 20.39 करोड़ रुपये हो गई। पात्रा ने कहा कि 60 करोड़ रुपये के खर्च को उनकी कुल संपत्ति (लगभग 21 करोड़) से जोड़ना मेल नहीं खाता और उन्होंने फंडिंग के स्रोतों का खुलासा करने की मांग की। साथ ही कुछ दौरों को “मिस्ट्री ट्रिप्स” करार देते हुए जानकारी मांगी।
कांग्रेस का पीएम मोदी के विदेश दौरों पर पोस्टर
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए एक तथ्यात्मक पोस्टर सोशल मीडिया पर जारी किया। कांग्रेस के इस पोस्टर में बताया गया कि पीएम मोदी की विदेश यात्राएं 2014 से शुरू हुईं। 2026 तक मोदी की विदेश यात्राओं पर 815.42 करोड़ खर्च हो चुके हैं। पीएम मोदी शुक्रवार 15 मई को पांच देशों की विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। मोदी ने हाल ही में फिजूलखर्ची रोकने, ईंधन बचाने, विदेश यात्राएं न करने, गोल्ड एक साल तक नहीं खरीदने जैसी नसीहतें देश की जनता को दी थीं।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने इसे “डायवर्जन” (ध्यान भटकाने वाली रणनीति) बताया। उन्होंने कहा, “ये सब संबित पात्रा द्वारा बनाए जा रहे डायवर्जन हैं। असली मुद्दा देश की आर्थिक स्थिति का बिगड़ना और विदेश नीति में असफलताएं हैं।” रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी को “compromised PM” बताया, जो देश-विदेश में पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं। उन्होंने ‘विश्वगुरु’ वाले दावों को खोखला बताया और चीन के सामने झुकने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने कहा- असल मुद्दों पर बात करो
कांग्रेस सासंद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि देश को नौकरियों, किसानों, मणिपुर और चीन जैसे मुद्दों पर जवाब चाहिए। उन्होंने पूछा कि अगर विदेश यात्रा अपराध है तो प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेताओं की पिछले 10 वर्षों की विदेश यात्राओं, विमान खर्च और इवेंट मैनेजमेंट का पूरा ब्योरा क्यों नहीं दिया जाए? टैगोर ने इसे “डेली स्मियर कैंपेन” और “डिस्ट्रैक्शन टूलकिट” करार दिया।
सोशल मीडिया पर आम लोग बीजेपी के आरोपों पर टिप्पणियां कर रहे हैं। लोग बीजेपी से पूछ रहे हैं कि मोदी की विदेश यात्राओं से भारत के नागरिकों को क्या हासिल हुआ, इसकी जानकारी देना चाहिए। कुछ लोगों ने पूछा कि मोदी अब पांच देशों की यात्रा पर जा रहे हैं, देश को उससे क्या हासिल होगा।
राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों की जांच करने और अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जफीर अहमद की बेंच ने भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद 13 मई को यह आदेश पारित किया। गुरुवार को हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेश के अनुसार, सुनवाई बंद कमरे में हुई, न कि खुली अदालत में।
अदालत ने याचिकाकर्ता की उस अपील को भी स्वीकार कर लिया जिसमें निगम मामलों के मंत्रालय के सचिव को मामले में पक्षकार बनाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने कांग्रेस नेता पर बेतहाशा संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया है। यह राहुल गांधी के खिलाफ विग्नेश शिशिर द्वारा दायर दो मामलों में से दूसरा मामला है। वह कथित तौर पर नागरिकता कानून का उल्लंघन करने के आरोप में कांग्रेस नेता के खिलाफ जांच की मांग वाली याचिका पर भी आगे बढ़ रहे हैं।
भाजपा कार्यकर्ता ने दावा किया कि गांधी के पास भारतीय पासपोर्ट के अलावा ब्रिटिश पासपोर्ट भी है। यह याचिका अभी लंबित है। 13 मई के आदेश के अनुसार, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों को सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के वरिष्ठ रजिस्ट्रार के पास रखा जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियों के प्रति-हलफनामे अलग-अलग दाखिल किए जाएं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 मई को तय की है। नागरिकता मामले की सुनवाई 27 मई को होगी।