नेता विपक्ष राहुल गांधी संसद के अंदर जनरल नरवणे की किताब दिखाई और कहा कि वो इसे पीएम मोदी को भेंट करेंगे। संसद के अंदर दिखाने से पहले राहुल ने वही किताब संसद परिसर में असंख्य पत्रकारों को दिखाई थी। बाद में मोदी का संसद आना टल गया।
राहुल गांधी के हाथों में जनरल नरवणे की किताब
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब "Four Stars of Destiny" को पहले संसद के परिसर में और बाद में लोकसभा के अंदर भी दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 2020 के भारत-चीन गतिरोध के दौरान जिम्मेदारी न लेने का गंभीर आरोप लगाया है। राहुल इस मुद्दे को लोकसभा में लगातार उठा रहे हैं। हालांकि इस किताब को अप्रकाशित बताया गया है, क्योंकि सरकार और सेना ने इसकी अनुमति नहीं दी है। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी शाम को जब संसद में आएंगे तो उनको किताब भेंट करूंगा। लेकिन शाम 5 बजे जब तमाम टीवी चैनलों ने मोदी के भाषण का लाइव प्रसारण दिखाने की तैयारी कर ली थी, ठीक उसी समय सरकार पीछे हट गई और मोदी सदन में शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद भाषण देने नहीं आए।
राहुल गांधी ने बुधवार को सदन में किताब दिखाते हुए कहा कि पूर्व आर्मी चीफ ने अपनी किताब में लिखा है कि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेना प्रमुख को कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा, "जो उचित समझो वो करो" (do what you think is appropriate)। राहुल गांधी ने दावा किया कि जनरल नरवणे ने लिखा है कि उन्हें उस समय "really alone" (बहुत अकेला) महसूस हुआ।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि स्पीकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किताब के अस्तित्व को ही नकार दिया था, लेकिन अब वह सदन में किताब पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह किताब सरकार के लिए डर का सबब है। अगर प्रधानमंत्री लोकसभा में आएं तो मैं खुद उन्हें यह किताब सौंप दूंगा।" हालांकि राहुल ने यह भी कहा कि अब पीएम मोदी शायद ही सदन में आएंगे। एनडीटीवी और इंडिया टुडे ने खबर दी थी कि पीएम मोदी बुधवार शाम 5 बजे सदन में आ सकते हैं। लेकिन शाम 5 बजे चैनलों ने लाइव प्रसारण की तैयारी की तो ठीक उसी समय मोदी के संसद में आने और बोलने का मामला टल गया। सरकार इस बात से परेशान हुई कि अगर राहुल गांधी पीएम मोदी को किताब भेंट करेंगे तो वो भी लाइव प्रसारण होगा। अभी कल तक सरकार कह रही थी कि यह किताब अप्रकाशित है। लेकिन राहुल ने बुधवार को किताब दिखाकर सरकार को नई चुनौती दे दी।
प्रियंका गांधी ने कहा- मोदी डर गए
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम मोदी डर गए, इसलिए संसद में नहीं आए। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- "वह (प्रधानमंत्री मोदी) डर गए और इसीलिए सदन नहीं आए... केंद्रीय रेल मंत्री और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बुलेट ट्रेन की तरह भाग गए...।"
यह विवाद 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच हुए सैन्य गतिरोध से जुड़ा है, जहां गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने संकट के समय जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया और फैसले सेना पर छोड़ दिए।
निशिकांत दुबे को खड़ा किया गया
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बुधवार को संसद में झोलाभर कर किताब लेकर पहुंचे और उन किताबों के हवाले से पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर आपत्तिजनक टिप्पणिया कीं। नेहरू को उन्होंने अपशब्द कहे। दुबे ने कहा कि 100 किताबें लेकर आया हूं। नेहरू ने एडविना और माउंटबेटन के साथ देश का बंटवारा किया। उन्होंने राहुल गांधी के लिए भी गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा उन्होंने संसद को तीन दिन से बंधक बना रखा है। मैं वो किताबें लेकर आया हूं जिसे नेहरू-गांधी परिवार ने कभी बाहर नहीं आने दिया।वहीं, किताब के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से गायब होने की भी खबरें आई हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है। यह घटना सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान हुई। जब राहुल गांधी ने चीन सीमा मुद्दे को धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के दौरान उठाना चाहा। राहुल ने मोदी सरकार की चीन से जुड़ी नीतियों की आलोचना की। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने राहुल को बोलने से रोक दिया। राहुल जैसे ही बोलने को शुरू होते स्पीकर उनको रोक देते और बीजेपी के सांसद शोर मचाने लगते थे। बाद दो बार सदन को स्थगित किया गया।
राहुल गांधी ने संसद के बाहर कहा कि सरकार सच से डर रही है और पूर्व सेना प्रमुख की किताब से मोदी सरकार की असफलता सामने आ जाएगी।