अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में गबन (चोरी) के मामले ने अब राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त तूल पकड़ लिया है। इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। कटियार का कहना है कि इस मामले में पैसों का जबरदस्त गबन हुआ है और आने वाले दिनों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई बड़े नाम जेल जा सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में पीएम मोदी से भी बात की है। विनय कटियार राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं।

'चंपत राय को जाना पड़ सकता है जेल, पीएम मोदी से हुई बात'

मीडिया रिपोर्ट और अपने बयानों में विनय कटियार ने साफ शब्दों में कहा, "यह पूरी तरह साफ है कि पैसों का गबन (siphoned off) हुआ है। इस मामले को लेकर मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत हुई है। जब मैंने उन्हें इस स्थिति के बारे में बताया, तो मोदी जी ने मुझसे पूछा कि आगे भविष्य में क्या होगा? इस पर मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।" कटियार ने मोदी से बातचीत का ब्यौरा नहीं दिया।
कटियार ने आगे दावा करते हुए कहा कि जांच के आधार पर आने वाले दिनों में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा, "इस मामले में चंपत राय और गोपाल राव के नाम भी सामने आ रहे हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, मुमकिन है कि चंपत राय को जेल जाना पड़े।"
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"मैंने चंपत जी को पहले ही चेताया था"

विनय कटियार ने चंपत राय के साथ हुई एक पुरानी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, "चंपत जी को लेकर अब मैं क्या ही कहूं। जब मैं तीन दिनों के बाद वहां गया, तो मैंने उनसे कहा था कि चंपत जी, आप यहां कहां आ गए हैं? कारसेवकपुरम में ही रहिए। अगर कुछ समस्या है या कुछ करना है तो मेरे घर आ जाइए। लेकिन उन्हें मेरी बात समझ नहीं आई। मैंने तो उनसे यहां तक कह दिया था कि मुझे लगता है आपका भाग्य इस समय ठीक नहीं चल रहा है।"

SIT कर रही है मामले की जांच

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस गंभीर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जो बारीकी से साक्ष्यों को खंगाल रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी अविनाश उर्फ टिन्नू यादव को लेकर भी जांच तेज हो गई है। पुलिस अविनाश को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, और यह जांच केवल चढ़ावे तक ही सीमित नहीं है बल्कि ट्रस्ट द्वारा की गई जमीनों की खरीद-फरोख्त के पहलुओं तक भी पहुंच सकती है। टिन्नू यादव दरअसल चंपत राय का ड्राइवर था। कैश जहां गिना जाता था, वहां की चाबी टिन्नू यादव के पास रहती थी।
विनय कटियार ने जांच प्रक्रिया पर कहा कि एसआईटी की जांच एक दिन में पूरी नहीं होती, इसमें कुछ समय और लग सकता है, लेकिन जो भी सच है वह सामने आकर रहेगा। राम मंदिर आंदोलन के बेहद प्रमुख चेहरा रहे विनय कटियार के इस तीखे बयान के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।