तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद सायोनी घोष ने उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेता द्वारा खुलेआम जान मारने की धमकी दिए जाने पर पीएम मोदी और अमित शाह से पूछा है कि क्या यही 'नारी शक्ति वंदन' है? दरअसल, सिकंदराबाद नगर पालिका चेयरमैन और बीजेपी नेता प्रदीप दीक्षित ने कथित तौर पर कहा है कि 'जो कोई सायोनी घोष का सिर कलम करके लाएगा, उसे 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।' इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो को लेकर ही सायोनी घोष ने इस घटना को 'खुली मौत की धमकी' बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को टैग करते हुए उस बीजेपी नेता के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की है।

क्या कहा प्रदीप दीक्षित ने?

प्रदीप दीक्षित ने एक वेब चैनल को दिए इंटरव्यू में आपत्तिजनक बयान दिया। बाद में भी उन्होंने इससे इनकार नहीं किया। कई वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि उन्होंने सायोनी घोष का नाम लेकर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया। यह बयान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में दिया गया।
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सायोनी घोष ने क्या कहा?

सायोनी घोष ने एक्स पर लिखा, "मैं हैरान हूं कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में एक नगर पालिका चेयरमैन और भाजपा नेता ने मेरे सिर कलम करने का 1 करोड़ रुपये का इनाम सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिया है। यह धमकी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है और मुख्यधारा के मीडिया में भी आ चुकी है। मैं पूछना चाहती हूं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी और ओम बिरला जी से- क्या एक महिला सांसद का सिर कलम करने का इनाम घोषित करना 'नए भारत' में नारी शक्ति वंदन का असली विचार है?"

सायोनी ने आगे कहा, 'बीजेपी की ओर से महिलाओं की सुरक्षा और प्रतिनिधित्व को चुनावी मुद्दा बनाया गया लेकिन आज एक चुनी हुई महिला सांसद को उसी पार्टी के नेता से मौत की खुली धमकी मिल रही है। क्या पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस तुरंत कार्रवाई करेंगी और मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी? मैं बुलंदशहर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस से मांग करती हूं कि इस भाजपा नेता के खिलाफ तुरंत कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई हो।' सायोनी ने अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा, 'मैं लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाती रहूंगी। न संसद के अंदर और न बाहर, मुझे डराकर चुप नहीं कराया जा सकता।'

विवाद की जड़ क्या है?

रिपोर्ट है कि इस विवाद की शुरुआत काफी पहले हुई थी। यह पूरा मामला 2015 के एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। उस समय सायोनी घोष के अकाउंट से शिवलिंग की एक तस्वीर पोस्ट हुई थी, जिसपर विवाद हो गया था। उस समय उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। सायोनी घोष का कहना है कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। हैकर्स ने यह तस्वीर पोस्ट की थी। जैसे ही उन्होंने अकाउंट वापस पाया, उन्होंने पोस्ट हटा दिया। इस पुराने मामले को 2021 में और अब हाल के पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान फिर से उठाया गया। इसके बाद से सायोनी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा रही थीं।
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टीएमसी ने की धमकी की निंदा

टीएमसी ने सायोनी घोष को दी गई इस धमकी की निंदा की है और कहा है कि यह लोकतंत्र पर हमला है। सायोनी घोष ने पश्चिम बंगाल पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अभी तक भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महिलाओं की सुरक्षा का सवाल यह घटना महिलाओं की सुरक्षा, खासकर महिला सांसदों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है। सायोनी घोष ने कहा कि अगर एक चुनी हुई सांसद को इस तरह की धमकी मिल सकती है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?