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अमित शाह के घर जा रही शाहीन बाग़ की महिलाओं को पुलिस ने लौटाया

गृह मंत्री अमित शाह के घर जा रही शाहीन बाग़ की सैकड़ों महिला प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बीच रास्ते से लौटा दिया। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे गृह मंत्री से मिलने का समय लेकर आएँ। महिलाओं ने अमित शाह के घर की ओर मार्च इस उम्मीद में की थी वह उनसे बातचीत करेंगे क्योंकि दो दिन पहले ही गृह मंत्री ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि जिन्हें भी नागरिकता क़ानून को लेकर संदेह है वे अप्वाइंटमेंट लेकर उनसे बात कर सकते हैं। इसी आधार पर शाहीन बाग़ में प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने शनिवार को ही तय कर लिया था कि वे रविवार को गृह मंत्री से मिलने के लिए मार्च कर जाएँगी। 

शाहीन बाग़ नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का केंद्र रहा है और यह महिलाओं के नेतृत्व में ही चल रहा है। क़रीब दो महीने से महिलाएँ शाँतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। इस प्रदर्शन की दुनिया भर में चर्चा रही है। इसके तर्ज पर देश भर में कई शहरों में महिलाएँ प्रदर्शन को आगे आईं और कई जगहों पर ऐसा ही प्रदर्शन चल रहा है। 

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रविवार दोपहर जब महिलाओं ने मार्च निकाला तो उन्हें रोकने के लिए पहले से ही भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। महिलाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। महिलाएँ शांतिपूर्ण तरीक़े से आगे बढ़ रही थीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने कहा कि गृह मंत्री के साथ बैठक के लिए उनके आवेदन को भेज देने की बात कहने पर महिलाओं ने मार्च ख़त्म कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गईं। बाद में वे सभी लौट गईं। इससे पहले पुलिस ने महिलाओं के उस आवेदन को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने गृह मंत्री के आवास पर जाने के लिए मार्च की अनुमति माँगी थी। 

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'एनडीटीवी' की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं का कहना था कि वे अमित शाह से लिखित में यह माँग करेंगी कि एनआरसी और नागरिकता क़ानून को वापस लिया जाएगा। महिलाओं ने अमित शाह से मिलने के लिए तब मन बनाया था जब उन्होंने अमित शाह का 'टाइम्स नाउ' पर इंटरव्यू देखा। यह इंटरव्यू गुरुवार को प्रसारित हुआ था। उस इंटरव्यू में एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा था कि जिस किसी को भी नागरिकता क़ानून पर संदेह हो वह उनके कार्यालय से अप्वाइंटमेंट लेकर उनसे मिल सकते हैं और अगले तीन दिन के अंदर वह उनसे मिलेंगे। 
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