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सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहीं स्वरा ने ट्रोल के ख़िलाफ़ FIR दर्ज क्यों कराई?

विभिन्न मुद्दों पर मुखर रहने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने ट्विटर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्विटर पर उनके ख़िलाफ़ मर्यादा भंग करने वाली टिप्पणियाँ की गईं। उन्होंने शिकायत में कहा है कि उनकी एक फ़िल्म में फिल्माए गए सीन को लेकर कुछ लोगों ने आपत्तिजनक बातें लिखीं और इससे जुड़ा हैशटैग चलाया। उन्होंने यह शिकायत दिल्ली के वसंत कुंज उत्तर थाने में की है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया है और इसकी जाँच की जा रही है। मामले में 354डी, 509 आईपीसी और 67 आईटी एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं।

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विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों और विवादों पर मुखर रहने के लिए स्वरा भास्कर को अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोल निशाना बनाते रहे हैं। हाल ही में वह शाहरुख खान के बेटे आर्यन ख़ान की गिरफ़्तारी को लेकर मुखर रही थीं। हालाँकि इस मुद्दे पर बॉलीवुड के कई अभिनेता आर्यन ख़ान के प्रति एकजुटता दिखाते रहे हैं। वे तब खुलकर आर्यन ख़ान के समर्थन में आए जब एनसीबी के कार्रवाई के तौर-तरीकों पर सवाल उठे। महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल एनसीपी ने एनसीबी और बीजेपी में साठगांठ के आरोप लगाए। आरोप लगा कि आर्यन ख़ान को क्रूज पर पकड़ने वाले बीजेपी कार्यकर्ता और प्राइवेट डिटेक्टिव थे। कहा तो यह भी जा रहा है कि न तो आर्यन ख़ान के पास से कोई ड्रग्स मिला है और न ही मेडिकल जाँच में ड्रग्स लेने की पुष्टि हुई है। 

इस बीच सोशल मीडिया, ख़ासकर, ट्विटर पर स्वरा के ख़िलाफ़ इतनी ट्रोलिंग हुई कि परेशान होकर उन्होंने यह कड़ा क़दम उठाया। ट्रोलिंग को लेकर उन्होंने एक ट्वीट में कहा है, 'मैं अकेली नहीं हूँ। रोजमर्रा के साइबर यौन उत्पीड़न का सामना उन कई महिलाओं को करना पड़ता है जो सार्वजनिक जगहों पर आवाज़ उठाती हैं। ... फिर से, यह ठीक नहीं है!'

ट्रोलिंग को लेकर स्वरा भास्कर ने एनडीटीवी से कहा कि ये ऑनलाइन नफ़रत फैलाने वाले लोग उनको टारगेट करके एक अभियान चला रहे हैं। वह कहती हैं कि इन ऑनलाइन नफ़रतियों की वजह से उनके माता-पिता को भी काफ़ी परेशानी होती है। 

उन्होंने कहा, 'कुछ लोग हैं जो चाहते हैं कि मैं चुप हो जाऊँ, सोशल मीडिया पर डर के रहूँ, इसलिए वो लोग मुझे ट्रोल करते हैं। लेकिन मैं इसका विरोध करना ज़रूरी समझती हूँ।'

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बता दें कि स्वरा भास्कर अक्सर केंद्र की सत्ताधारी पार्टी की नीतियों की आलोचना करती रही हैं। वह उन लोगों की आवाज़ उठाने वालों में शामिल रही हैं जिनका मोदी सरकार से अक्सर आमना-सामना होता रहा है। किसान आंदोलन का वह समर्थन करती रही हैं और तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ वह आवाज़ उठाती रही हैं। इसी तरह सीएए विरोधी और एनआरसी विरोधी आंदोलनों के पक्ष में वह बोलती रही हैं। वह उन सोशल एक्टिविस्टों की जमात में शामिल हैं जो हर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेखौफ होकर अपनी बात रखते रहे हैं। 
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