इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भावनगर में एक जनसभा में कहा कि भारत का असली दुश्मन विदेशी निर्भरता है। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा, 'हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। हमारा असली दुश्मन विदेशी निर्भरता है, और हमें इसे हराना होगा।' उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि उनकी सरकार ने भारत के शिपबिल्डिंग क्षेत्र को तबाह कर दिया, जिसके कारण भारत को विदेशी जहाजों पर 6 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
H-1B वीजा और भारतीय कर्मचारी
H-1B वीजा प्रोग्राम तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों के लिए है और भारत इसका सबसे बड़ा लाभार्थी है। 2022-23 में 70% से अधिक H-1B वीजा धारक भारतीय थे। यह नया नियम मध्यम और निम्न-वेतन वाली नौकरियों के लिए वीजा प्राप्त करना मुश्किल कर देगा, जिससे भारतीय कर्मचारियों और टेक कंपनियों पर भारी असर पड़ेगा।
ट्रंप के H-1B वीजा फीस बढ़ाने के फैसले ने भारत में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार की कथित 'कमजोर' विदेश नीति का सबूत बताया। यह मुद्दा भारतीय तकनीकी कर्मचारियों और अर्थव्यवस्था के लिए बड़े सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या भारत इस मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन से बातचीत करेगा और भारतीय कर्मचारियों के हितों की रक्षा कर पाएगा।