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संयुक्त राष्ट्र ने कहा, भारत में हैं इसलामिक स्टेट के आतंकवादी, बना रहे हैं हमले की योजना

आतंकवादी संगठन इसलामिक स्टेट के एक सदस्य को 21 अगस्त की रात दिल्ली से गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि उसकी योजना राजधानी में कोई बड़ा विस्फोट करने की थी। इसके पहले संयुक्त राष्ट्र भारत में इसलामिक स्टेट के पैर पसारने के बारे में चेतावनी दे चुका है। पढ़ें, मामला क्या है। 

भारत में इसलामिक स्टेट की मौजूदगी एक सचाई है और इससे आँखे मूंदे रहने का कोई मतलब नहीं है। हालांकि पहले भी कई बार सुरक्षा एजंसियों ने यह कहा है कि भारत में यह आतंकवादी संगठन तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है। लेकिन अब यही बात संयुक्त राष्ट्र ने कही है। 

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि केरल और कर्नाटक में इसलामिक स्टेट के सदस्य बड़ी तादाद में मौजूद हैं। इसके अलावा अल क़ायदा के तक़रीबन 150-200 लोग वहाँ बड़ी तादाद में मौजूद हैं। इस आतंकवादी संगठन के लोग भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार से हैं। वे वहाँ हमले करने की योजना बना रहे हैं। 

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संयुक्त राष्ट्र के एनलिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शन मॉनीटरिंग टीम ने अपनी 26वीं रिपोर्ट में भारत में मौजूद अल क़ायदा और इसलामिक स्टेट पर गंभीर चिंता जताई है। 

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ये लोग भारत उपमहाद्वीप में अल क़ायदा (एक्यूआईएस) से जुड़े हुए हैं। ये लोग अफ़ग़ानिस्तान के निमरुज़, हेलमंद और कंधार प्रांतों के तालिबान के नियंत्रण में हैं और उनसे ही संचालित होते हैं। 

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है, 

'इस समूह में बांग्लादेश, भारत, म्यांमार और पाकिस्तान के 150-200 सदस्य हैं। एक्यूआईएस का मौजूदा नेता ओसामा महमूद है, जिसने असीम उमर के बाद संगठन की बागडोर संभाली है।'


संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का अंश

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 'इसलामिक स्टेट की भारतीय शाखा हिंद विलाया के नाम से जानी जाती है और इसके 180-200 सदस्य वहाँ मौजूद हैं। केरल और कर्नाटक राज्यों में आईएसआईएल के सदस्य सक्रिय हैं।'  

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल मई में इसलामिक स्टेट ने भारत में नए 'प्रांत' की स्थापना का एलान किया। यह तब पता चला जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई और उसमें कुछ आतंकवादी मारे गए।

इसके पहले जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकवादी हमलों को इसलामिक स्टेट के खोरासान प्रांत से जोड़ कर देखा गया था। इसकी स्थापना 2015 में हुई थी ताकि अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और आसपास के इलाक़ों पर कब्जा किया जा सके। 

श्रीलंका में ईस्टर रविवार को चर्चों और होटलों पर हुए हमलों के बाद इसलामिक स्टेट ने दावा किया था कि ये हमले उसने करवाए हैं। उसके तुरत बाद केरल और तमिलनाडु में मौजूद आईएस कार्यकर्ताओं की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। 
राष्ट्रीय जाँच एजेन्सी यानी नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेन्सी (एनआईए) ने  रियाज़ अबू बक़र को आईएस से जुड़े होने के आरोप में केरल के कोच्ची से गिरफ़्तार किया तो लोगों का चौंकना स्वाभाविक था। केरल के पलक्काड ज़िले के कमब्रथचाला गाँव के रहने वाले रियाज़ के पिता बेटे की कारस्तानी और उस पर लगे आरोपों से बुरी तरह हिले गए थे।

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