सरकार अब बेरोज़गारों को ग़िनना नहीं चाहती। उसकी ‘मुद्रा योजना’ और ‘स्किल इंडिया’ ने दम तोड़ दिया है। अर्थव्यवस्था की हालत पतली है तो सरकार मीडिया के भरोसे है जिसके लिए बेरोज़गार ख़बर ही नहीं है।
सरकार अब बेरोज़गारों को ग़िनना नहीं चाहती। उसकी ‘मुद्रा योजना’ और ‘स्किल इंडिया’ ने दम तोड़ दिया है। अर्थव्यवस्था की हालत पतली है तो सरकार मीडिया के भरोसे है जिसके लिए बेरोज़गार ख़बर ही नहीं है।