अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अडानी समूह के मुंद्रा बंदरगाह के जरिए ईरानी तेल उत्पादों के कथित आयात के संबंध में अडानी एंटरप्राइजेज से जानकारी मांगी है। अमेरिका इसकी जांच कर रहा है। कंपनी ने मंगलवार को इसे स्वीकार किया। इस घटनाक्रम के बाद अडानी के शेयर गिर गए हैं।
अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज से अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी तेल उत्पादों के कथित आयात को लेकर जानकारी मांगी है। अडानी समूह ने मंगलवार को रेगुलटेरी फाइलिंग में स्वीकार किया कि अमेरिका ने 4 फरवरी 2026 को यह सूचना कंपनी से मांगी थी। अडानी समूह के इस तरह जांच की बात स्वीकार करने के बाद उसके शेयर गिर गए हैं।
पिछले साल 2 जून को वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया था कि गौतम अडानी के नियंत्रण वाली कुछ कंपनियों के खिलाफ अमेरिका में जांच चल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों पर मुंद्रा बंदरगाह के जरिए ईरान से लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) आयात करने का आरोप है। ईरान के तेल व्यापार पर अमेरिका लंबे समय से प्रतिबंध लगाए हुए है।
वॉल स्ट्रीट जनरल ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि गौतम अडानी एक अलग मामले में अपने खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन से हटवाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने ट्रम्प के एक करीबी अटॉर्नी की सेवाएं हासिल की थीं।
इस खबर के बाद मंगलवार को अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 3.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। अडानी एंटरप्राइजेज अडानी समूह की फ्लैगशिप कंपनी है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस ताजा मामले का उसकी वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है। अडानी एंटरप्राइजेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में एलपीजी कारोबार कंपनी के कुल राजस्व का केवल 1.46 प्रतिशत और पूरे अडानी समूह के राजस्व का लगभग 0.5 प्रतिशत ही था। कंपनी ने “अत्यधिक सावधानी” बरतते हुए जून 2025 से सभी एलपीजी आयात बंद करने की बात भी कही है।
यह जांच अडानी समूह पर चल रही अन्य जांचों के बीच सामने आई है। इससे पहले समूह के चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में रिश्वतखोरी से जुड़े एक मामले में अभियोग दर्ज होने की जानकारी सामने आ चुकी है। वहीं, 2023 में शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए बाजार में हेरफेर के आरोपों ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया था। अडानी समूह ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
अडानी समूह का कहना है कि वह सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करता है और अमेरिकी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। मंगलवार के घटनाक्रम को ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया है।
अडानी समूह 2023 की शुरुआत से ही लगातार जांच के दायरे में है, जब अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने उस पर शेयर बाजार में हेरफेर और ऑडिट अनियमितताओं का आरोप लगाया था, जिसे समूह ने नकार दिया है। तब से समूह को बढ़ते रेगुलेटरी, कानूनी और बाजार दबाव का सामना करना पड़ा है, जिसमें अमेरिकी अभियोजकों द्वारा विदेशी रिश्वतखोरी के अलग-अलग आरोपों की जांच भी शामिल है।