मंगलवार 2 दिसंबर को संसद के शीतकालीन अधिवेशन का दूसरा दिन है। लेकिन सरकार ने एसआईआर पर चर्चा नहीं होने दी। सदन को स्थगित किया गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
एसआईआर के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष का मंगलवार को प्रदर्शन
संसद का शीतकालीन अधिवेशन 1 दिसंबर से शुरू हो चुका है। विपक्ष ने पहले ही दिन एसआईआर और बीएलओ की मौत का मुद्दा संसद में उठाना चाहा। उसे अनुमति नहीं मिली। दूसरे दिन भी दोपहर तक यही स्थिति है। विपक्ष ने दूसरे दिन भी एसआईआर का मुद्दा उठाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस दिए लेकिन किसी भी नोटिस को स्वीकार नहीं किया। लेकिन दोपहर बाद केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने घोषणा कर दी कि 9 दिसंबक को चुनाव सुधार पर चर्चा होगी।
संसद में जब सारा दिन हंगामा हुआ और देश में एसआईआर पर बढ़ रही प्रतिक्रियाओं की वजह से सरकार ने दोपहर बाद कहा कि वो चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि यह चर्चा एसआईआर पर होगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में घोषणा की सरकार 9 दिसंबर को चुनाव सुधार पर चर्चा कराएगी। जहां विपक्ष अपनी बात रख सकता है। रिजिजू ने कहा कि उससे पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम पर चर्चा कराई जाएगी।
किरण रिजिजू का बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, "मुझे खुशी है कि स्पीकर ओम बिड़ला द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बहुत ही फलदायी रही और हम सभी इस बात पर सहमत हुए कि सोमवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा होगी। यह चर्चा दोपहर 12 बजे शुरू होगी और पूरे दिन चलेगी। इस बात पर भी सहमति हुई कि मंगलवार, 9 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी। जब हम चुनाव सुधारों पर चर्चा करते हैं, तो आप हमारे देश में चुनाव और उसकी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा और संवाद कर सकते हैं। संसदीय लोकतंत्र के लिए चुनाव प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए, अंततः सभी ने चर्चा के लिए सहमति व्यक्त की है और सभी सदस्यों, विशेषकर विपक्षी दलों से मेरी विशेष अपील है कि वे लिए गए निर्णय में पूरा सहयोग करें। हम सभी भाग लेंगे। और चर्चाओं और बहसों के दौरान बहुत ही ठोस और महत्वपूर्ण योगदान देकर संसदीय कार्यवाही को समृद्ध भी बनाएंगे...।"
इंडिया गठबंधन की बुधवार को बैठक
लोकसभा में अब नई रणनीति बनाने के लिए इंडिया गठबंधन के नेता बुधवार सुबह 9:45 बजे बैठक करेंगे। अभी तक विपक्ष एकजुट होकर एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में मांग कर रहा था। लेकिन अब बदली हुई रणनीति के तहत एसआईआर पर बहस होने तक नई रणनीति के हिसाब से विपक्ष काम करेगा। बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में होगी।
मंगलवार सुबह 11 बजे संसद में जाने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में ही एसआईआर को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस की बुजुर्ग नेता सोनिया गांधी, नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा सीपीएम, सपा, आरजेडी, सीपीआई, डीमके, टीएमसी के सांसद शामिल थे। विपक्ष ने सोमवार को भी एसआईआर को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।
राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत खास मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए 21 नोटिस प्राप्त हुए हैं। नोटिस स्वीकार न किए जाने पर सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया।
सदन में "एसआईआर पे चर्चा कराओ" के नारे गूंजते रहे। एजीपी सांसद बीरेंद्र प्रसाद बैश्य पूर्वोत्तर में अल्पसंख्यकों से जुड़े एक मुद्दे पर बोलने के लिए खड़े हुए, लेकिन ज़ोरदार नारेबाजी के बीच उनकी बात गुम हो गई। विपक्षी सांसद "सर पे चर्चा कराओ" और "डाउन डाउन" के नारे लगाते हुए लोकसभा के वेल में पहुंच गए। अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उनसे शांत होने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा चलता। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई।
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने नियम 239 के तहत व्यवस्था का प्रश्न उठाया और सवाल किया कि 'SIR' पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है। उनका कहना है कि सभापति ने नियम 267 के नोटिस को अस्वीकार करने के कारण नहीं बताए हैं। सभापति ने कहा कि उन्होंने अपने कारण स्पष्ट कर दिए हैं और वे इस व्यवस्था के प्रश्न पर विचार करने से इनकार करते हैं।
दोपहर 12 बजे के बाद जब दोनों सदन लौटे तो फिर से हंगामा शुरू हो गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नियम 267 के तहत विषयों और नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम बताना एक परंपरा रही है। उन्होंने सभापति से सदन के एक पक्ष पर ध्यान देने का अनुरोध किया। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मैं सदन की कार्यवाही व्यवस्थित होने पर ही सुनूँगा, अगर आपके सदस्य सदन के वेल में जमा हो रहे हैं तो मैं कैसे सुन सकता हूँ।
खड़गे ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने एसआईआर पर चर्चा से परहेज किया है, जबकि सभापति ने कहा कि मंत्री ने इस पर विचार किया है और बाद में अपनी प्रतिक्रिया देंगे। खड़गे ने एसआईआर पर फौरन चर्चा करने का अनुरोध किया।
जेपी नड्डा ने एसआईआर की बजाय दूसरे मुद्दों को महत्वपूर्ण कहा
सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने कहा है कि विपक्षी नेताओं के साथ बहुत जल्द एक बैठक होगी और उसके अनुसार हम निर्णय लेंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने अनुरोध किया कि किसी भी चीज़ पर समय-सीमा की शर्त न लगाई जाए। उन्होंने कहा कि सब कुछ मशीन की तरह नहीं हो सकता, देश में कई मुद्दे हैं, आपको एक मुद्दे को कमज़ोर करके दूसरा मुद्दा नहीं उठाना चाहिए।दोनों सदनों में विपक्ष सरकार के चर्चा कराने के आश्वासन से सहमत नहीं हुआ। फिर से नारेबाज़ी हुई और दोनों सदन स्थगित कर दिए गए।