लोकसभा में हंगामे के साथ सदन कार्यवाही शुरू

लोकसभा की कार्यवाही हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू हुई। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार देर रात जारी महिला आरक्षण अधिनियम 2023 की अधिसूचना पर सवाल उठाए। वेणुगोपाल ने पूछा, “हमारा सवाल यह है कि अधिनियम को अधिसूचित किए बिना मंत्री विधेयक में संशोधन कैसे ला सकते हैं?” अन्य सांसदों ने भी कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से जवाब मांगने के लिए उनका साथ दिया।
डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने भी इसी तरह के सवाल उठाए, जबकि अन्य विपक्षी सदस्यों ने मंत्री से जवाब मांगा। डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने लोकसभा में पूछा- “जब सरकार ने 2023 के महिला आरक्षण कानून को अधिसूचित कर दिया है, तो इस पर बहस करने का क्या मतलब है?”

कनिमोझी ने काले झंडे का मतलब समझाया

कनिमोझी ने कहा- "काला झंडा विरोध का प्रतीक है...हम हार नहीं मानेंगे...नीला झंडा वह रंग है जिसे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने अपनी पार्टी के झंडे के लिए चुना था....वही नीला रंग जिसे आपने उस व्यक्ति के झंडे के रूप में नकार दिया जिसने हमें सिखाया कि हमें शिक्षित होना चाहिए, आंदोलन करना चाहिए और संगठित होना चाहिए," कनिमोझी ने गुरुवार को एमके स्टालिन द्वारा काला झंडा लहराने पर यह टिप्पणी की। पीएम मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में डीएमके सांसदों के काले कपड़े पर तंज किया था।

परिसीमन बिल वापस लो, महिला आरक्षण बिल पास होने दोः थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले पारित किया जाना चाहिए जबकि परिसीमन विधेयक को रोक दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि इस पर जल्दबाजी नहीं की जा सकती और इसके लिए व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है। उन्होंने परिसीमन के लिए यूरोपीय मॉडल का भी हवाला दिया, जिसमें अधिक आबादी वाले राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलता है, लेकिन छोटे राज्यों को प्रति व्यक्ति अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है। जब कांग्रेस सांसद ने सदस्यों की संख्या बढ़ने पर लोकसभा की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए, तो अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सभी सदस्यों को समय दिया जाएगा।

  • द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) के सभी संसद सदस्य महिला आरक्षण विधेयक की अधिसूचना के विरोध में काले कपड़े पहन कर आज भी संसद में आए हुए हैं।
  • कांग्रेस हाई कमांड ने अपने वरिष्ठ सांसदों को निर्देश दिया है कि वे शाम 4 बजे मतदान के दौरान सभी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
  • नेता विपक्ष राहुल गांधी दोपहर बाद 3 बजे संसद को संबोधित करेंगे।

महिला आरक्षण अधिसूचना जारी, लेकिन असली असर 2029 चुनाव में दिखेगा

महिला आरक्षण अधिनियम 2023 लागू हो गया है। भले ही संसद के विशेष सत्र में इसे लागू करने पर जोरदार बहस चल रही है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने गुरुवार देर रात को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। जिसमें कहा गया है कि संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उप-धारा (2) के तहत 16 अप्रैल 2026 को इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने की तारीख तय की गई है।
अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है- “केंद्रीय सरकार संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने की तिथि के रूप में 16 अप्रैल 2026 को नियुक्त करती है।”
हालांकि लोकसभा में ही 16 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर अमित शाह से जोरदार बहस की। अखिलेश यादव ने कहा कि इसमें ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं का कोटा अलग से तय हो। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल का समर्थन करते हुए ओबीसी महिलाओं का मुद्दा उठाया। कांग्रेस के अन्य सांसदों ने इसका समर्थन किया लेकिन ओबीसी महिलाओं को अलग से आरक्षण की मांग करते रहे। बहस आज शुक्रवार को भी जारी है। इसी से जुड़े विवादित परिसीमन विधेयक का विपक्ष जबरदस्त विरोध कर रहा है।
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सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पास किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था। यह ऐतिहासिक कदम महिलाओं की विधायी निकायों में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 28 सितंबर 2023 को इस विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे।
मूल अधिनियम में आरक्षण को 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन (delimitation) अभ्यास के पूरा होने के बाद लागू करने का प्रावधान था, जिसके कारण इसे 2034 से पहले लागू नहीं किया जा सकता था। वर्तमान लोकसभा में भी यह आरक्षण तुरंत लागू नहीं हो सकता था।

विशेष सत्र और संशोधन की बहस

इस अधिसूचना के जारी होने के ठीक बीच संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र (16-18 अप्रैल 2026) चल रहा है, जिसमें सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए तीन विधेयक पेश किए हैं। इनमें शामिल हैं:संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026।
सरकार चाहती है कि परिसीमन को 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाए और आरक्षण को जल्द से जल्द लागू किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में महिलाओं को संबोधित एक खुली चिट्ठी में कहा था कि 2029 के चुनावों में महिला आरक्षण लागू होने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा। उन्होंने महिला भागीदारी को राष्ट्रीय नीति का अविभाज्य अंग बताया।
लोकसभा में बहस के दौरान सभी महिला सांसदों को बोलने का मौका दिया गया और चर्चा देर रात 1 बजे तक चली। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने विचार रखे। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर महिला आरक्षण और परिसीमन मुद्दे पर सवाल उठाए थे। सपा की डिंपल यादव ने कटाक्ष भी किया कि विपक्ष को इस तरह पेश किया जा रहा है, जैसे वो महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ है। लेकिन हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सपा ने ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के अलग आरक्षण की मांग इसी विधेयक के तहत की है। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे धार्मिक आधार पर आरक्षण की मांग कहकर खारिज कर दिया।

कार्यान्वयन की चुनौतियांः एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अधिनियम लागू तो हो गया है, लेकिन वर्तमान सदन में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता। आरक्षण को लागू करने के लिए अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन पूरा करना आवश्यक है। अधिकारी ने इसे “तकनीकी औपचारिकता” बताया, हालांकि इसकी सही वजह स्पष्ट नहीं की गई। लेकिन आसानी से समझा जा सकता है कि इसे बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जल्दी जल्दी लागू किया जा रहा है। क्योंकि इन दोनों राज्यों में महिला मतदाता चुनाव में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती हैं।

विपक्ष ने परिसीमन प्रक्रिया और सीटों की संख्या बढ़ाने (543 से संभावित 850 तक) को लेकर कुछ चिंताएं जताई हैं, लेकिन सरकार इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का बड़ा कदम बता रही है।
यह अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब संसद महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक संशोधनों पर विचार कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संशोधन पास हो जाते हैं तो 2029 के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।