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ज़ोमैटो के मुसलिम डिलिवरी बॉय से खाना लेने से किया इनकार

ऑनलाइन फूड सर्विस वेबसाइट जोमैटो के सामने ऐसा मामला आया है जिसने सोशल मीडिया पर तूफान मचा रखा है। दरअसल मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले पंडित शुक्ला नाम के ग्राहक ने ज़ोमैटो के मुसलिम डिलिवरी बॉय से खाना लेने से इनकार कर दिया। ग्राहक ने बुधवार को ज़ोमैटे से उसके डिलिवरी वॉय को लेकर शिकायत की। ग्राहक ने कहा कि अभी सावन का महीना चल रहा है और वह मुसलिम के हाथ से डिलीवर किया हुआ खाना नहीं खा सकता।

ज़ोमैटो ने दिया करारा जवाब

अमित शुक्ला नाम के इस ग्राहक ने ज़ोमैटो से हुई चैट का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वह फैयाज़ नाम के डिलिवरी बॉय को बदलकर किसी दूसरे को भेजने की बात करता है।जिसके बाद ज़ोमैटे ने इस शिकायत का ज़बरदस्त जवाब दिया है। ज़ोमैटो ने लिखा है कि खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना ख़ुद एक धर्म है। इस मामले पर बाद में ज़ोमैटो के फाउंडर दीपेन्द्र गोयल ने भी जवाब दिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि-

‘हम भारत के विचारों और हमारे ग्राहकों-पार्टनरों की विविधता पर गर्व करते हैं. हमारे इन मूल्यों की वजह से अगर बिजनेस को किसी तरह का नुकसान होता है तो हमें इसके लिए दुख नहीं होगा।’


दीपेन्द्र गोयल, ज़ोमैटो के फाउंडर

‘ओला’ कैब का भी आया था ऐसा ही मामला

 समाज में फैल रहे साम्प्रदायिक ज़हर का असर हर तरफ़ देखने को मिल रहा है। इससे पहले अप्रैल 2018 में अभिषेक मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने मुसमिल ड्राइवर होने के कारण ओला कैब को कैंसिल कर दिया था। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े होने का दावा करने वाले अभिषेक ने 20 अप्रैल को ट्वीट किया कि उन्होंने अभी अपनी कैब कैंसिल कर दी क्योंकि वो अपना पैसा जिहादी लोगों को नहीं देना चाहते।
उसने एक स्क्रीमशॉट भी शेयर किया था जिसमें ड्राइवर को नाम मसूद आलम लिखा था। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ट्विटर पर 14 हज़ार फॉलोवर रखने वाले अभिषेक मिश्रा को बीजेपी के कुछ बड़े चेहरे भी फॉलो करते थे। जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, महेश शर्मा, और धर्मेंद्र प्रधान जैसे नाम शामिल हैं।
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क़मर वहीद नक़वी
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