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कश्मीर में कोरोना संक्रमितों की घुसपैठ करवा रहा है पाकिस्तान : पुलिस प्रमुख 

पाकिस्तान कोरोना संक्रमित लोगों की घुसपैठ जम्मू-कश्मीर में करवाने की फिराक में है ताकि राज्य में यह संक्रमण फैलाया जा सके।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने गंदरबल के एक क्वरेन्टाइन केंद्र का मुआयना करने के बाद यह आरोप लगाया है। गंदरबल कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के पास ही है। एनडीटीवी ने यह ख़बर दी है।
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दिलबाग सिंह ने एनडीटीवी से कहा, ‘यह सच है कि पाकिस्तान कोविड-19 से संक्रमित लोगों को कश्मीर घाटी भेजने की कोशिश कर रहा है।’

क्या कहना है पुलिस का?

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख ने एनडीटीवी से कहा, ‘पाकिस्तान अब तक आतंकवादी कश्मीर भेजता रहा है, पर अब वह कोरोना से प्रभावित लोगों को भेज रहा है ताकि यहाँ के लोगों के बीच यह रोग फैलाया जा सके।’
इसके एक हफ़्ता पहले सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि उन्हें ख़ुफ़िया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान कोरोना रोगियों को कश्मीर भेजने की योजना बना रहा है। 
पाक-अधिकृत कश्मीर में कोरोना संक्रमण के 50 मामले अब तक पाए गए हैं। इनमें से ज़्यादातर मीरपुर के हैं। 
जम्मू-कश्मीर में अब तक कोरोना के 400 मामले पाये गए हैं, जिनमें अधिकतर कश्मीर घाटी के हैं। अब तक तीन पुलिस वाले भी संक्रमित पाए गए हैं।
देश में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 1409 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 21,393 हो गई है। इसके अलावा इस संक्रमण से बीते 24 घंटे में 41 लोगों की मौत होने से अब तक मरने वालों की तादाद बढ़ कर 681 हो गई है। 

कोरोना से जूझ रहा है पाकिस्तान!

दूसरी ओर, पाकिस्तान ख़ुद कोरोना संक्रमण से बुरी तरह जूझ रहा है। प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पहले यह कहा कि लोग नमाज़ अपने घर पर ही पढ़ें और इसके लिए मसजिद न आएं ताकि सोशल डिस्टैंसिंग का पालन हो सके और यह संक्रमण न फैले। उसके बाद वहां इस पर बहुत बवाल मचा और मौलानाओं और धर्मगुरुओं ने इसका यह कह कर विरोध किया रमज़ान के पवित्र महीने में इसे मानना मुमकिन नहीं है।  
इसके बाद इमामों और सरकार के बीच एक समझौता हुआ और यह तय हुआ कि कम संख्या में कुछ शर्तों के साथ ही लोग नमाज पढ़ने मसजिद जाएंगे और वे वहां सोशल डिस्टैंसिंग का पूरा ख्याल रखेंगे। 
कोरोना की चपेट में पूरी दुनिया में अब तक 26,38,477 लोग आ चुके हैं। अब तक इससे 1,84,248 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 7,21,997 लोगों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है।

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