कर्नाटक में भ्रष्टाचार के एक मामले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। पढ़िए क्या आरोप हैं और कांग्रेस-बीजेपी एक दूसरे पर क्या आरोप लगा रहे हैं।
बीजेपी विधायक चंद्रू लामणि
कर्नाटक में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़े एंटी-करप्शन ऑपरेशन में बीजेपी विधायक डॉ. चंद्रू लामणि को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया है। उन्हें और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह मामला गदग जिले में एक सिंचाई परियोजना से जुड़ा है। आरोप है कि विधायक ने ठेकेदार से काम की मंजूरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। इस पर अब राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी वाले दूसरों पर आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद के विधायक भ्रष्टाचार में पकड़े जा रहे हैं। बीजेपी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं तो बचने के लिए बीजेपी पर कार्रवाई की जा रही है।
बहरहाल, शिराहट्टी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक डॉ. चंद्रू लामणि पर आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार से 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत माइनर इरिगेशन डिपार्टमेंट के कामों को मंजूरी देने और आगे बढ़ाने के लिए मांगी गई थी। काम में सड़क के दोनों तरफ रिटेनिंग वॉल बनाना शामिल था।
पूजार गदग जिले के चिंचली गांव के क्लास-1 ठेकेदार विजय ने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने जाल बिछाया। शनिवार को लामणि के लक्ष्मेश्वर शहर में उनके बालाजी अस्पताल में 5 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय उन्हें और उनके दो सहायकों मंजुनाथ वाल्मीकि और गुरुनायक उर्फ गुरु लामणि को पकड़ लिया गया।
ट्रैप के दौरान रिश्वत की रकम मिलने पर लोकायुक्त अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और तीनों को हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट है कि एक सहयोगी ने सबूत मिटाने की कोशिश में 1 लाख रुपये का पैकेट पास के एक प्राइवेट स्कूल में फेंकने की कोशिश की, लेकिन वह भी पकड़ा गया। लोकायुक्त ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा,
लामणि को लोकायुक्त ने पकड़ लिया है। अब बीजेपी वाले क्या कहेंगे? उन्हें जवाब तो देना चाहिए ना? दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना आसान है, लेकिन अब खुद का विधायक पकड़ा गया है।
उन्होंने कहा, 'लोकायुक्त को जांच करने दें। हम जांच में कोई रुकावट नहीं डालेंगे। जो जांच चल रही है, वो चलती रहे।'
उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने व्यंग्य करते हुए कहा, 'बीजेपी नेता बहुत ईमानदार हैं। इस देश में वे भ्रष्टाचार मुक्त हैं। शायद लोकायुक्त को गलत जानकारी मिल गई होगी।'
बीजेपी का हमला
बीजेपी की ओर से राज्य अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने पीटीआई को बताया कि वे तथ्यों की जांच के बाद ही प्रतिक्रिया देंगे। बीजेपी प्रवक्ता अशोक गौड़ा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, 'ठेकेदार कांग्रेस सरकार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन सरकार विपक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर रही है।'
इस गिरफ्तारी के बाद लामणि के समर्थकों ने गदग में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया और सत्ताधारी कांग्रेस सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाए।
डॉ. चंद्रू लामणि एक डॉक्टर हैं और पहले लक्ष्मेश्वर में तालुक स्वास्थ्य अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने नौकरी छोड़कर 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से चुनाव लड़ा और जीते थे। यह घटना बीजेपी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी अक्सर कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है।
लोकायुक्त पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। यह मामला कर्नाटक की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है।