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कर्नाटक के 15 विधायकों से अमित शाह ने जबरन लिया था इस्तीफ़ा, कांग्रेस का आरोप

कर्नाटक की राजनीति में एक नया और बड़ा मोड़ आ सकता है। वहाँ की मौजूदा सरकार और उसके मुख्य मंत्री बी. एस. येदियुरप्पा पर बेहद गंभीर आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और येदियुरप्पा ने 15 विधायकों पर दबाव डाल कर उनसे जबरन इस्तीफ़ा लिखवाया था। इसके बाद ही कर्नाटक की एच. डी. कुमारस्वामी सरकार गिर गई थी और बीजेपी की सरकार बनी थी।
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कांग्रेस पार्टी ने यह आरोप लगाते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक ज्ञापन लिखा है जो कर्नाटक के राज्यपाल को सौंप दिया गया है। इस ज्ञापन में कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार को भंग करने की माँग की गई है। इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह को लोकतंत्र के हित में मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की माँग भी की गई है।
ज्ञापन के साथ एक पेन ड्राइव भी दिया गया है, जिसमें 27 अक्टूबर को हुई बीजेपी कोर कमेटी बैठक में मौजूद येदियुरप्पा का वीडियो भी है। 
कांग्रेस के आरोप और ज्ञापन के एक दिन पहले से ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है। इस वीडियो में मुख्य मंत्री येदियुरप्पा कथित तौर पर यह स्वीकार करते हुए दिखते हैं कि बीजेपी प्रमुख अमित शाह के कहने पर 17 बग़ावती विधायकों को  मुंबई भेजा गया था। 
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने ख़बर दी है कि इस वीडियो में येदियुरप्पा हुबली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिख रहे हैं। येदियुरप्पा कहते हुए दिखते हैं :

आपको 17 विधायकों के फ़ैसले के बारे में तो पता है न? इस कमरे में बैठे आप सब लोगों को पता है कि यह फ़ैसला सिर्फ़ येदियुरप्पा का नहीं था, बल्कि उन्हें मुंबई ले जाने का फ़ैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष का था। वे विधायक ढाई महीने तक अपने क्षेत्र नही जा सके, न ही अपने परिवार से मिल सके, बस वहीं रुके रहे।


बी. एस. येदियुरप्पा, मुख्य मंत्री, कर्नाटक (कथित तौर पर वीडियो में)

आपको याद दिला दें कि जिन बागी विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफ़ा दे दिया था, उन्हें बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य घोषित कर दिया। नतीजतन, 14 महीनों से चल रही कांग्रेस-जेडी (एस) सरकार जुलाई में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई और गिर गई। अयोग्य घोषित किए गए सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। फ़िलहाल, यह मामला वहीं रुका पड़ा है। 
कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए इंडियन एक्सप्रेस से कहा : 

हम तो शुरू से ही कहते आए हैं कि विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त में बीजेपी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, अब यह साबित हो गया है, किसी को कई संदेह नहीं रहा। हम सबूतों के साथ सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।


के. सी. वेणुगोपाल, नेता, कांग्रेस

राष्ट्रपति इस ज्ञापन पर क्या कदम उठा सकते हैं, यह सवाल पूछा जाना लाज़िमी है। इसके साथ ही यह भी देखना है कि कांग्रेस पार्टी अगला क़दम क्या उठाएगी। क्या वह इस मुद्दे पर अदालत जाएगी? कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा है कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाएगी। पर यह मामला जल्द ही निपट जाएगा, ऐसा नहीं लगता है। 

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