कर्नाटक के बल्लारी में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी और कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के समर्थकों के बीच वाल्मीकि प्रतिमा के बैनर को लेकर हिंसक झड़प हुई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। रेड्डी और बी श्रीरामुलु सहित 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई।
कर्नाटक के बल्लारी में उपद्रवियों को रोकती पुलिस
कर्नाटक के बल्लारी जिले में 1 जनवरी 2026 को भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के बैनर लगाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में एक कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की गोली लगने से मौत हो गई। झड़प भाजपा विधायक गली जनार्दन रेड्डी (गंगावती से) और कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी (बल्लारी शहर से) के समर्थकों के बीच जनार्धन रेड्डी के आवास के सामने हुई। बीजेपी के लोग वाल्मीकि प्रतिमा का बैनर लगाने का विरोध कर रहे थे। विवाद की शुरुआत यहीं से हुई।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस समर्थक 3 जनवरी को होने वाले महर्षि वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के बैनर जनार्धन रेड्डी के घर के सामने लगाने की कोशिश कर रहे थे। भाजपा समर्थकों ने इसका विरोध किया, जिससे बहस शुरू हुई और फिर पथराव, मारपीट और गोलीबारी हो गई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और हवा में फायरिंग की।
कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत प्राइवेट हथियार से चलाई गई गोली से हुई। पुलिस के अनुसार, गोली एक निजी हथियार से चली, जिससे राजशेखर घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बल्लारी में तनाव बढ़ गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पड़ोसी जिलों से भी पुलिस बुलाई गई है।
शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को पुलिस स्टेशन में कांग्रेस कार्यकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी, उनके भाई सोमशेखर रेड्डी, पूर्व मंत्री और भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु, दम्मुरा शेखर, अली खान सहित कुल 11 लोगों के नाम शामिल हैं। इन पर वाल्मीकि बैनर फाड़ने, दंगा भड़काने, हत्या का प्रयास, चोट पहुंचाने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी ने जनार्दन रेड्डी पर हिंसा भड़काने और कार्यक्रम बाधित करने का आरोप लगाया। जनार्दन रेड्डी ने भरत रेड्डी और उनके सहयोगी सतीश रेड्डी पर अपनी हत्या की साजिश रचने का दावा किया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि प्रतिमा के नाम पर शहर में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।
बल्लारी में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस जांच जारी है।
बल्लारी की राजनीतिक प्रतिद्वंदिता
बल्लारी में भाजपा (मुख्य रूप से विधायक जनार्दन रेड्डी और उनके समर्थक) वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम और उसके बैनर का सीधे तौर पर विरोध नहीं कर रही है, बल्कि यह विवाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा है। बीजेपी की आपत्ति यह है कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के समर्थक 3 जनवरी 2026 को होने वाले महर्षि वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण के प्रचार बैनर जनार्दन रेड्डी के घर के सामने क्यों लगा रहे थे। भाजपा समर्थकों ने इसका विरोध किया और कथित तौर पर बैनर फाड़ दिए।
भाजपा नेताओं बी. श्रीरामुलु, आर. अशोक, बी.वाई. विजयेंद्र का दावा है कि वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण और बैनर लगाने की आड़ में शहर में अशांति फैलाने और हिंसा भड़काने की साजिश की जा रही है। वे इसे उनकी हत्या की पूर्वनियोजित साजिश बता रहे हैं, जिसमें कांग्रेस समर्थक गुंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बल्लारी में जनार्दन रेड्डी (खनन कारोबारी से राजनीतिज्ञ बने) और भरत रेड्डी के बीच लंबे समय से गहरी दुश्मनी है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस यह कार्यक्रम करके वाल्मीकि समुदाय में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है और जानबूझकर रेड्डी के इलाके में बैनर लगाकर उकसावा दे रही है।
कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी का कहना है कि बैनर सार्वजनिक सड़क पर लगाए जा रहे थे। जनार्दन रेड्डी इसे बाधित करके शहर में अशांति पैदा कर रहे हैं। यह बल्लारी की पुरानी राजनीतिक रंजिश का नया रूप है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं।