loader

कर्नाटक में ‘ड्रग्स’ पर राजनीतिक बवाल, घेरे में फिल्मी हस्तियाँ

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ख़ुदकुशी के बाद बॉलीवुड में 'ड्रग्स के इस्तेमाल और इसकी जाँच' को लेकर मचे घमासान के बीच कर्नाटक में 'ड्रग्स' की वजह से नई राजनीतिक जंग शुरू हो गई है। बॉलीवुड में ड्रग्स के इस्तेमाल की जाँच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को ड्रग माफ़िया के तार बेंगलुरु से जुड़े मिले। इसके बाद जाँच टीमें वहाँ पहुँचीं और गिरफ़्तारियाँ शुरू हुईं। सैंडलवुड के नाम से मशहूर कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की कुछ नामचीन शख्सियतों और कुछ विपक्षी राजनेताओं का नाम 'ड्रग रैकेट' में आने के बाद फ़िल्मी दुनिया और राजनीति में भूचाल मच गया है।

कांग्रेस का आरोप

अभिनेत्रियों रागिनी द्विवेदी, संजना गलरानी और उनके साथियों के अलावा मशहूर डांसर-अभिनेता किशोर अमन शेट्ठी को गिरफ़्तार किया गया है। कई युवा राजनेताओं के मकानों और दफ़्तरों पर छापे पड़े हैं। ख़ास बात यह है कि जिन राजनेताओं के यहाँ छापे पड़े, वे सभी विपक्षी पार्टियों ख़ासकर कांग्रेस से जुड़े हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ड्रग्स मामले को लेकर सत्ताधारी बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है।
कर्नाटक से और खबरें
कांग्रेस का आरोप है कि कोविड 19 के लगातार बढ़ते मामलों को रोकने में नाकामी, भ्रष्टाचार, बदहाल व्यवस्था, सुस्त प्रशासन से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही येदियुरपा सरकार 'ड्रग्स' को लेकर राजनीति कर रही है।
कांग्रेस का कहना है कि उसके किसी नेता का ड्रग मामले से कोई लेना- देना नहीं है। लेकिन सरकार का कहना है कि ड्रग माफ़िया के ख़िलाफ़ शुरू हुई यह जंग उसी समय ख़त्म होगी जब सारे दोषी सलाखों के पीछे होंगे और कर्नाटक ड्रग माफ़िया से मुक्त होगा। 

आइसक्रीम में ड्रग्स!

चौंकाने वाली बात यह है कि येदियुरप्पा सरकार ने ड्रग्स को लेकर काफी गंभीर आरोप लगाये हैं। खुद प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुरेश कुमार ने एक सनसनीखेज बयान दिया। इस बयान में मंत्री ने शंका जाहिर की कि ड्रग्स तस्कर कुछ नामी स्कूलों के बाहर आइसक्रीम में ड्रग्स मिलाकर बच्चों को बेच रहे हैं। इतना ही नहीं, ड्रग सरगनाओं ने बेरोजगार युवाओं को धन-दौलत का लालच देकर अपने जाल में फंसाया है और इनके जरिये ड्रग्स की तस्करी करवा रहे हैं।
वहीं जाँच एजेंसियों का कहना है कि मॉर्फीन, एफेड्रीन, हेरोइन, अफीम, गांजा, पोस्ता दाना जैसे मादक पदार्थों की तस्करी कर्नाटक में बड़े पैमाने पर हुई है। पड़ोसी राज्यों और कुछ अफ्रीकी देशों से ये ड्रग्स कर्नाटक लाये गए हैं। कर्नाटक पुलिस के सूत्रों का कहना है कि राज्य के कुछ इलाकों ख़ासकर मलनाड इलाके के रिजॉर्ट्स, क्लब हाउस में पार्टियों का आयोजन किया जाता है। 

ड्रग पार्टी

इन पार्टियों में फ़िल्म और संगीत की दुनिया के सितारों के अलावा कई उद्योगपति, राजनेता और दूसरी नामचीन हस्तियाँ भी हिस्सा लेती हैं। हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन करने वाले विकास खन्ना की गिरफ्तारी से पुलिस को कई चौकाने वाले तथ्यों का पता चला है। 
ग़ौर करने वाली बात यह है कि कर्नाटक में ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर जाँच और चर्चा उस समय शुरू हुई जब सुशांत मामले की जाँच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को ड्रग माफिया के बेंगलुरु, मैंगलोर जैसे शहरों में सक्रिय होने की जानकारी मिली।

एनसीबी के छापे

एनसीबी ने कर्नाटक में ड्रग तस्करों के ठिकानों पर छापे मारे और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। इन छापों के बाद कर्नाटक सरकार और राज्य पुलिस हरकत में आई। कर्नाटक पुलिस ने अपनी जाँच शुरू की। इसका जिम्मा सेंट्रल क्राइम ब्रांच यानी सीसीएस को सौंपा गया। एनसीबी ने कर्नाटक में ड्रग तस्करों के ठिकानों पर छापे मारे और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। इन छापों के बाद कर्नाटक सरकार और राज्य पुलिस हरकत में आई। कर्नाटक पुलिस ने अपनी जाँच शुरू की। इसका जिम्मा सेंट्रल क्राइम ब्रांच यानी सीसीएस को सौंपा गया। 
पुख़्ता सबूत मिलने का दावा करते हुए कर्नाटक पुलिस ने अभिनेत्रियों - रागिनी द्विवेदी, संजना गलरानी के साथ-साथ उनके साथियों को हिरासत में लिया। पार्टी आयोजक वीरेन खन्ना की गिरफ़्तारी के बाद कई हस्तियों के नाम सामने आए।
कद्दावर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री जीवराज अल्वा के बेटे आदित्य अल्वा के बेटे के आलीशान बंगले पर छापा मारा गया। आदित्य अल्वा की बहन प्रियंका की शादी बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय से हुई है। 
बॉलीवुड में ड्रग्स के इस्तेमाल और सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर जो बवाल मचा, उसमें कई दूसरे लोग भी कूद पड़े। राजनीति भी खूब हुई। अभिनेत्री कंगना रनौत ने कई लोगों पर कई तरह के आरोप लगाए। देखें वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार का यह वीडियो। 

निशाने पर कांग्रेस?

आदित्य अल्वा राजनीति में सक्रिय हैं और इनके बंगले पर छापेमारी के बाद कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमले तेज़़ कर दिये हैं। कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि जानबूझकर कांग्रेस के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने के मक़सद से ड्रग्स मामले में नामचीन हस्तियों और विपक्ष ने नेताओं  का नाम उछाल रही है।
इस ड्रग तस्करी मामले में नया मोड़ उस समय आया, जब प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी ओर से अलग जाँच शुरू कर दी। अब उनकी जांच में प्रवर्तन निदेशालय यानी इन्फ़ार्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) भी शामिल हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी में शामिल कई लोगों का विदेशों आना-जाना लगा रहता है। इतना ही नहीं, कुछ के विदेश में मकान और कारोबार भी हैं। ईडी के अधिकारियों को शक है कि इस रैकेट में शामिल लोगों ने काला धन विदेश में छिपाया हुआ है और ये लोग हवाला रैकेट भी चलाते हैं।
बहरहाल ड्रग्स मामले पर ही राज्यभर में चर्चा हो रही है। हर रोज़ नया नाम उछलने से लोगों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। फिल्म, संगीत और राजनीति की दुनिया में मशहूर लोगों को पूछताछ के लिए बुलाये जाते से भी इस मामले में लोगों की उत्सुकता बनी हुई है। राजनीति भी खूब हो रही है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का आरोप है बीजेपी ड्रग्स मामले में शामिल अपने लोगों और पुलिस अधिकारियों को बचा रही है और एक साजिश के तहत हस्तियों का नाम उछलवाकर असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। वहीं बीजेपी भी अपने विरोधियों पर लगातार हमले कर रही है। कांग्रेस पर ड्रग्स मामले की जाँच को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगा रहे है।

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
दक्षिणेश्वर
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

कर्नाटक से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें