मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है, ‘अब वे धर्म की रक्षा करेंगे. राम मंदिर चढ़ावा चोरी की लड़ाई लडेंगे।’ पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने अब कुछ देर पहले संन्यास की घोषणा की है। यहां बता दें, दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल जून महीने में खत्म हुआ है। 
उम्र के 80वें बसंत को पूरा करने की ओर बढ़ रहे, दिग्विजय सिंह ने कहा है, ‘पार्टी ने उन्हें 5 बार विधायक, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा का सदस्य पद दिया। अनेक तरह के पद उन्हें पार्टी ने संगठन में दिए। राजनीति की अपनी पूरी पारी वे खेल चुके हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा है, ‘मैं सनातन धर्म को समझता हूं, भाजपा, वीएचपी और आरएसएस को भी समझता हूं। अब मेरा मिशन धर्म की रक्षा करना है, अब कोई राजनीति नहीं करूंगा, अपनी आखिरी सांस तक आस्था की रक्षा करनी है।’
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सार्वजनिक सभाओं में भाषण नहीं

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वह सक्रिय राजनीति नहीं करेंगे, सार्वजनिक सभाओं में भाषण नहीं देंगे और सोशल मीडिया पर भी कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि वह कोई यात्रा निकालेंगे, तो उसके लिए किसी को आमंत्रित नहीं करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब उनका मकसद केवल धर्म की रक्षा और सामाजिक कार्यों के लिए योगदान देना है।

कार सेवक संतोष दुबे चीफ गेस्ट होंगे

दिग्विजय सिंह महाकाल मंदिर भूमि ट्रस्ट और राम जन्म भूमि मंदिर ट्रस्ट में भारी गड़बड़ियों को लेकर 02 अक्टूबर से पदयात्रा शुरू करने वाले हैं। यात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से शुरू होकर राममंदिर पहुंचकर समाप्त होगी। यात्रा 1 हजार किलोमीटर के करीब की होगी। सवालों के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा है, ‘यात्रा में किसी तरह का किसी नेता को वे खुद होकर नहीं बुलायेंगे। राहुल गांधी को भी नहीं।’
उन्होंने कहा, ‘उनकी यात्रा में वे मुख्य अतिथि के तौर पर उन कार सेवक संतोष दुबे को आमंत्रित करेंगे, जिन संतोष दुबे ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान चार-चार गोलियां खाईं थीं। राम मंदिर ट्रस्ट में हुए घोटाले को लेकर जो आज पूरी मुखरता के साथ बोल रहे हैं।’

विवादों से पुराना नाता!

दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के सीनियर कांग्रेस लीडर और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। दिग्विजय सिंह का जन्म 28 फरवरी 1947 को मध्य प्रदेश के राघोगढ़ में हुआ। उन्होंने इंदौर स्थित एसजीएसआईटीएस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की। वे 1977 में पहली बार विधायक बने और 1984 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1993 से 2003 तक लगातार दो कार्यकाल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। साल 2014 से वे राज्यसभा सदस्य हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मध्य प्रदेश की राजनीति में उन्हें लंबे समय से प्रभावशाली नेता माना जाता है और वे अलग-अलग राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा और विवादों में रहते हैं। हाल के वर्षों में पार्टी से उनकी दूर देखी जाती रही है। दिग्विजय सिंह राजनीति के अलावा उन्हें वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी और खेलों में भी विशेष रुचि रखते है।