प्रतीकात्मक तसवीर।
महाराष्ट्र के 16 हज़ार से ज्यादा किसानों ने भले ही आत्महत्या कर ली हो, पिछले भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के मंत्रियों के पिछले पांच साल बहुत मजे के रहे।
सबसे बड़ा आश्चर्य तो यह है कि किसान खेती में हो रहे नुक़सान और उसकी वजह से बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर रहा है लेकिन अधिकांश नेताओं ने अपनी संपत्ति में वृद्धि का कारण खेती से होने वाली आय को बताया है।