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ईडी मेरे पीछे नहीं आएगी क्योंकि मैं बीजेपी सांसद हूं: संजय पाटिल

महाराष्ट्र से बीजेपी के सांसद संजय पाटिल ने कहा है कि ईडी उनके पीछे नहीं आएगी। इसकी वजह भी उन्होंने बताई है। उनके मुताबिक़, इसकी वजह ये है कि वे बीजेपी के सांसद हैं। संजय पाटिल महाराष्ट्र की सांगली सीट से सांसद हैं। 

पाटिल ने यह बात कोई बंद कमरे में दबे-छिपे नहीं कही है। उन्होंने यह बात एक मंच पर खुलेआम कही है। हज़ारों लोगों की भीड़ में और वह भी लोगों को संबोधित करते हुए। 

सांसद जैसे जिम्मेदार पद पर बैठा शख़्स ऐसा बयान तभी देगा, जब वह इस बात के लिए मुतमईन हो कि वास्तव में कोई एजेंसी उसका बाल बांका नहीं कर सकती, क्यों नहीं कर सकती, इसका कारण सांसद ने बता दिया है। 

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हर्षवर्धन पाटिल का बयान

कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक हर्षवर्धन पाटिल का भी एक ऐसा ही बयान आया था। इसमें पाटिल ने कहा था कि वह पहले ठीक से सो नहीं पाते थे, नींद की गोलियां लेनी पड़ती थीं। लेकिन बीजेपी में जाने के बाद उन्हें अच्छी नींद आ रही है। पाटिल ने कहा था कि पहले वह रात को सोते थे तो उन्हें लगता था कि कोई (ईडी या सीबीआई वाला) गेट खटखटा देगा लेकिन बीजेपी में जाने के बाद अगर कोई गेट खटखटाता भी है तो वह चैन की नींद सोते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वो बीजेपी में हैं। पाटिल कांग्रेस से बीजेपी में आए थे। 

बीजेपी के सांसद और विधायक के ये  बयान उन सारे आरोपों को सही साबित करते हैं, जिनमें ये कहा जाता है कि मोदी सरकार विपक्षी दलों के नेताओं को परेशान करने के लिए, राजनीतिक बदला लेने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को लगा देती है। 

मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगते हैं कि ऐसे राज्यों में जहां चुनाव होने वाले होते हैं या फिर जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारों को अस्थिर करना होता है वहां इन एजेंसियों की सक्रियता बढ़ जाती है। 

उद्धव ने चेताया था

शिव सेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कुछ दिन पहले दशहरे की रैली में कहा था कि केंद्र सरकार सत्ता के लिए सीबीआई, इनकम टैक्स और ईडी का डर दिखा रही है। ठाकरे ने कहा था कि अगर हिम्मत है तो सामने से लड़ो एजेंसियों का डर मत दिखाओ। 

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सैकड़ों नेताओं को समन

जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है तब से सैकड़ों विपक्षी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियां या तो समन भेज चुकी हैं या फिर उनसे पूछताछ कर चुकी हैं। इन नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, अखिलेश यादव और मायावती, पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, डीके शिवकुमार, सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, उनकी पत्नी रूजिरा बनर्जी, टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी, पूर्व मंत्री मदन मित्रा, मानस भूइयां, आम आदमी पार्टी सहित कई दलों के नेताओं को इन जांच एजेंसियों की ओर से समन भेजा जा चुका है। 

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