महाराष्ट्र के 28 नगर निगमों और बीएमसी चुनाव भारी विवादों में घिर गया है। नेता विपक्ष और राहुल गांधी ने ट्वीट करके हमला किया है। दूसरी तरफ शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कड़ा बयान दिया है। 
स्थानीय निकाय में आमतौर पर हेराफेरी से राजनीतिक दल परहेज़ करते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में राज्य चुनाव आयोग और प्रदेश की महायुति सरकार पर साठगांठ का आरोप लगा है। गुरुवार को मतदान खत्म होने के बाद रात तक चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत के आंकड़े जारी नहीं किए। मतदान प्रतिशत शुक्रवार सुबह गिनती शुरू होने से पहले घोषित किया गया। इस पर सवाल उठे लेकिन आयोग खामोश है। उसने देरी क्यों की, उसका जवाब उसके पास नहीं है।

संजय राउत का आरोप

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, "मुंबई जैसे शहर में मतदान का पैटर्न एक गंभीर मुद्दा है। विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके हजारों लोगों के नाम उन इलाकों से गायब रहे जहां शिवसेना (यूबीटी), एमएनएस या कांग्रेस की मौजूदगी है। ईवीएम मशीनें ठीक से काम नहीं कर रही थीं और चुनाव आयोग हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है। कल (गुरुवार) वरिष्ठ भाजपा नेताओं और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच बैठक हुई - ऐसा क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है...।" उन्होंने यह भी कहा, "मतदान प्रतिशत घोषित होने से पहले ही एग्जिट पोल आ गए। भाजपा ने अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। हमने लोगों को आश्वस्त किया है कि वे डरें नहीं।"

राउत के ट्वीट से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के 'लाड़ले बिल्डर' का जिक्र कर बैठक में क्या फैसला हुआ होगा, यह सवाल उठाया है। इसका मतलब यह है कि चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कोई गुप्त चर्चा हुई होगी, ऐसा संजय राउत का इशारा है।

इस दावे पर भाजपा नेताओं ने व्यंग्य किया है। भाजपा की छाया वाघ ने कहा: "उससे बड़ी खबर... उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक हुई, जिसमें आदित्य और अमित ठाकरे को अलविदा कहा गया और संजय राउत को ऐसा पोस्ट करने के आदेश दिए गए।"

राहुल गांधी ने वोट चोरी याद दिलाई

नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में गुरुवार को स्याही की जगह मार्कर का इस्तेमाल होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार सुबह मुंबई अखबार में स्याही विवाद की रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा है- चुनाव आयोग द्वारा नागरिकों को गुमराह करना ही हमारे लोकतंत्र में विश्वास के पतन का कारण है। वोट चोरी एक राष्ट्रविरोधी कृत्य है।
बीएमसी चुनाव के एक्जिट पोल नतीजों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। सभी प्रमुख एक्जिट पोल के अनुसार, महायुति (भाजपा-एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना-अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी) को मुंबई महापालिका में स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना है। इससे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भाइयों को बड़ा झटका लग सकता है। 24 साल बाद भाजपा मुंबई महापालिका में सत्ता हासिल कर सकती है। बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं, बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत है।