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शिंदे के बेटे ने मुझे ख़त्म करने के लिए सुपारी दी थी: राउत

संजय राउत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे से 'जान को ख़तरा' होने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में पुलिस को पत्र लिखा है। राउत ने पत्र में कहा है, 'लोकसभा सदस्य श्रीकांत शिंदे (एकनाथ शिंदे के बेटे) ने मुझे मारने के लिए ठाणे के एक अपराधी राजा ठाकुर को सुपारी दी है। मैंने इसके बारे में पुष्टि की है। मैं आपको एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सूचित कर रहा हूँ।'

राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को जो पत्र लिखा है उसकी प्रतियां महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और ठाणे शहर की पुलिस को भी भेजी हैं।

पत्र में राउत ने दावा किया कि हाल ही में कई निर्वाचित प्रतिनिधियों पर हमले हुए हैं और ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं।

राउत ने दावा किया कि राज्य में सरकार बदलने के बाद उनकी सुरक्षा हटा ली गई थी। यह कहते हुए कि उन्हें इस तरह के राजनीतिक फैसले के बारे में कोई शिकायत नहीं है, राउत ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार महाराष्ट्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी लेगी।

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ईटी की रिपोर्ट के अनुसार राउत के पत्र से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, 'शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। दुर्भाग्य से इन देशद्रोही विधायकों को बिल्कुल भी नियंत्रित नहीं किया जा रहा है। एक विधायक ने मुंबई के माहिम इलाक़े में फायरिंग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।'

शिंदे गुट के विधायक संजय शिरसाठ ने कहा, 'राउत सहानुभूति बटोरने के लिए घटिया स्टंट कर रहे हैं। जिसका कोई आधार नहीं है।' उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि श्रीकांत शिंदे ऐसा कभी नहीं करेंगे, फिर भी जांच शुरू की जा सकती है।'

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बता दें कि राउत ने यह आरोप तब लगाया है जब भारत के चुनाव आयोग द्वारा महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के गुट को पार्टी का नाम 'शिवसेना' और 'धनुष और तीर' चिह्न आवंटित करने के बाद राउत ने दावा किया था कि पार्टी के नाम और प्रतीक को 'खरीदने' के लिए 2,000 करोड़ रुपये का सौदा किया गया था। 
sanjay raut alleges eknath shinde son hired contract killer - Satya Hindi

एक दिन पहले ही उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग द्वारा पार्टी का नाम और उसके चुनाव चिह्न छीन लिए जाने पर अमित शाह पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अमित शाह की तुलना फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के मोगैंबो के चरित्र से की। उन्होंने कहा कि मोगैंबो देश को और लोगों को बाँट कर खुद की सत्ता कायम रखना चाहता था। उद्धव ने फ़िल्म के सबसे प्रसिद्ध पंक्तियों में से एक- 'मोगैंबो खुश हुआ' का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, 'मैंने तो हिंदुत्व नहीं छोड़ा। हमारा हिंदुत्व देश से जुड़ा है। उनका हिंदुत्व हमारे हिंदुत्व जैसा नहीं है। इनका जो हिंदुत्व है वे कहते हैं कि देश में लड़ाई लगवाओ, आपस में झगड़ा कराओ, परिवार में झगड़ा लगाओ, पार्टी में झगड़ा चालू करो और सत्ता हासिल करो।' वह आगे कहते हैं कि कल कोई आया था पुणे में। उन्होंने कहा, "उन्होंने पूछा- 'क्या कैसे चल रहा है महाराष्ट्र में?' तो किसी ने कहा कि आज बड़ा अच्छा दिन है। ...क्यों? ... शिवसेना का नाम और चिह्न हमने अपने साथ जो गुलाम आए हैं, उनको दे दिया। तो वो व्यक्ति बोले- 'अच्छा, मोगैंबो खुश हुआ!' ये मोगैंबो है।"

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क़मर वहीद नक़वी
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