loader

सैकड़ों मायावती और हज़ारों आनंद

आनंद ने यदि यह भ्रष्टाचार किया है तो किसके दम पर किया है? देश में सैकड़ों मायावतियाँ हैं और हजारों आनंद हैं? क्या देश में एक भी नेता ऐसा है, जो कह सके कि मेरा दामन साफ़ है? मायावती का तो कोई परिवार नहीं है। कहा जाता है कि लोग अपने बाल-बच्चों के लिए भ्रष्टाचार करते हैं। मायावती का संदेश है कि अब देश बिना परिवारवाले नेताओं से भी सावधान रहे। 
डॉ. वेद प्रताप वैदिक

भारत के लगभग सभी टीवी चैनलों और अख़बारों में यह ख़बर ख़ूब छपी है कि मायावती के भाई की 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है। दिल्ली से सटे नोएडा इलाक़े में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भाई आनंद कुमार की यह सात एकड़ ज़मीन थी। यह ज़मीन आनंद ने उस समय कब्जाई थी, जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। यह ज़मीन बेनामी है। 

ताज़ा ख़बरें
आनंद और उसकी पत्नी विचित्रा इस महँगी जमीन पर एक पाँच सितारा होटल और कई आलीशान इमारतें बनाने की तैयारी कर रहे थे। आनंद के पास ज़ाहिर तौर पर इस समय 1350 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उसने कई फर्जी कंपनियाँ बना रखी हैं। यह वही आनंद कुमार है, जो 1996 में इसी नोएडा-प्रशासन में 7-8 सौ रुपये महीने की नौकरी करता था लेकिन बहनजी के राज में वह अरबपति बन गया।
मायावती ने अपने इसी भाई को बहुजन समाज पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया है। ज़ाहिर है कि आनंद पर लगे आरोप अगर अदालत में सिद्ध हो गए तो उसे कम से कम सात साल की सजा मिलेगी और कुल संपत्ति का 25 प्रतिशत यानी कई अरब का जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

केंद्र की मोदी सरकार और उप्र की योगी सरकार को बधाई कि उसने लिहाजदारी नहीं दिखाई और नेताजी को कठघरे में खड़ा कर दिया लेकिन मैं पूछता हूँ कि क्या देश में मायावती एक ही है और आनंद एक ही है? सरकार ने सिर्फ़ आनंद को पकड़ा, मायावती कैसे छूट गईं? आपने पत्ते तोड़ लिये लेकिन जड़ तो हरी की हरी है। 

विचार से और ख़बरें
आनंद ने यदि यह भ्रष्टाचार किया है तो किसके दम पर किया है? देश में सैकड़ों मायावतियाँ हैं और हजारों आनंद हैं? क्या देश में एक भी नेता ऐसा है, जो कह सके कि मेरा दामन साफ़ है? मायावती का तो कोई परिवार नहीं है। कहा जाता है कि लोग अपने बाल-बच्चों के लिए भ्रष्टाचार करते हैं। मायावती का संदेश है कि अब देश बिना परिवारवाले नेताओं से भी सावधान रहे। 
नेतागिरी इस देश में काजल की कोठरी बन गई है। किसी नेता का दामन साफ़ रह ही नहीं सकता। यदि मोदी और योगी भारत की राजनीति का शुद्धिकरण करना चाहते हैं तो उन्हें चाहिए कि वे सभी दलों के प्रमुख नेताओं और उनके रिश्तेदारों की खुली जाँच करवाएँ और उनकी सारी संपत्तियाँ जब्त करवाएँ। बीजेपी को भी न छोड़ें। सरकार के पास इतना धन इकट्ठा हो जाएगा कि उसे आयकर वसूलने की ज़रूरत ही नहीं रहेगी। 
(डॉ. वेद प्रताप वैदिक के ब्लॉग www.drvaidik.in से साभार)
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
डॉ. वेद प्रताप वैदिक
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

विचार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें