पैगंबर मुहम्मद के कार्टून छापने पर डेनमार्क के एक प्रसिद्ध अख़बार के ख़िलाफ़ 2006 में सारे इसलामी जगत में और यूरोपीय मुसलमानों के बीच इतने भड़काऊ आंदोलन चले थे कि उनमें लगभग 250 लोग मारे गए थे। 2015 में इन्हीं व्यंग्य-चित्रों को लेकर फ्रांसीसी पत्रिका ‘शार्ली एब्दो’ के 12 पत्रकारों की हत्या कर दी गई थी।
महर्षि दयानंद ने बाइबिल और कुरान की भी कड़ी आलोचना की है लेकिन उनका उद्देश्य ईसा मसीह या पैगंबर मुहम्मद की निंदा करना नहीं था बल्कि सत्य और असत्य का विवेक करना था।